क्यूबा पर बढ़ते तनाव के बीच कैरेबियन सागर पहुंचा USS निमित्ज, अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य ताकत

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वॉशिंगटन: अमेरिका और क्यूबा के बीच बढ़ते तनाव ने अब सैन्य मोर्चे पर भी हलचल तेज कर दी है। अमेरिकी नौसेना का शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस निमित्ज अपने स्ट्राइक ग्रुप के साथ कैरेबियन सागर में पहुंच गया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह तैनाती ऐसे समय में हुई है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप क्यूबा को लेकर लगातार सख्त बयान दे रहे हैं और कार्रवाई की चेतावनी भी दे चुके हैं।

बताया जा रहा है कि इस सैन्य तैनाती का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में अमेरिका की रणनीतिक मौजूदगी मजबूत करना और संभावित सुरक्षा चुनौतियों पर नजर बनाए रखना है।

यूएसएस निमित्ज स्ट्राइक ग्रुप में शामिल हैं अत्याधुनिक युद्धक विमान

अमेरिकी नौसेना के इस शक्तिशाली स्ट्राइक ग्रुप में एफ/ए-18ई सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान, ईए-18जी ग्रोवलर इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान और सी-2 ग्रेहाउंड सपोर्ट एयरक्राफ्ट शामिल हैं। इसके अलावा यूएसएस ग्रिडली विध्वंसक युद्धपोत और ईंधन आपूर्ति पोत यूएसएनएस पटक्सेंट भी इस मिशन का हिस्सा हैं।

अमेरिकी दक्षिणी कमान ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यूएसएस निमित्ज दुनिया के कई संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में अपनी युद्ध क्षमता साबित कर चुका है। बयान में कहा गया कि ताइवान जलडमरूमध्य से लेकर अरब की खाड़ी तक यह पोत क्षेत्रीय स्थिरता और लोकतांत्रिक सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता रहा है।

ब्राजील के साथ कर चुका है संयुक्त युद्धाभ्यास

साल 1975 में सेवा में शामिल किए गए इस एयरक्राफ्ट कैरियर ने हाल ही में ब्राजील की नौसेना के साथ रियो डी जनेरियो तट पर संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में भी हिस्सा लिया था। ब्राजील स्थित अमेरिकी दूतावास ने इसकी जानकारी साझा की थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियां अमेरिका की व्यापक रणनीतिक तैयारी का हिस्सा हैं।

ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा पर बढ़ाया दबाव

रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप प्रशासन ने हाल के दिनों में क्यूबा के खिलाफ अपना रुख और अधिक सख्त कर लिया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर 1996 में दो नागरिक विमानों को गिराने के मामले में हत्या और अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना में चार लोगों की मौत हुई थी।

डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई को क्यूबा-अमेरिकी समुदाय के लिए बड़ा और ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो क्यूबा लौटकर अपने परिवारों से मिलना चाहते हैं।

मार्को रुबियो का स्पेनिश संदेश बना चर्चा का विषय

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा की जनता के नाम स्पेनिश भाषा में संदेश जारी किया। उन्होंने क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को देश में जारी बिजली संकट और आर्थिक समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया।

रुबियो ने अमेरिका की ईंधन नाकेबंदी नीति का समर्थन करते हुए कहा कि मौजूदा हालात के लिए क्यूबा सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं।

सीआईए प्रमुख के बयान से और बढ़ा तनाव

इस बीच सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ की क्यूबा अधिकारियों से हालिया मुलाकात भी चर्चा में बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बातचीत की संभावना हमेशा के लिए खुली नहीं रह सकती।

उनके इस बयान के बाद कूटनीतिक गलियारों में तनाव और गहरा गया है। विश्लेषकों का मानना है कि कैरेबियन क्षेत्र में अमेरिका की बढ़ती सैन्य मौजूदगी आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक हालात को और संवेदनशील बना सकती है।

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