भीषण गर्मी से राहत, कश्मीर-केरल और पंजाब-बंगाल तक बारिश; हिमाचल व जम्मू-कश्मीर में हिमपात
नई दिल्ली : पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम के मिजाज में आया बदलाव जारी है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वी हिमालयी पूर्वोत्तर के राज्यों में हल्की से भारी बारिश (rain) हुई है और चोटियों पर हिमपात दर्ज किया गया है। पंजाब और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों से लेकर केरल तक गरज और चमक के साथ फुहारे पड़ी हैं और तेज हवाएं भी चली हैं। इससे भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश में अधिकांश जगहों पर गरज और चमक के साथ हल्की से तेज बारिश हुई और 50-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी लगभग 21 सेमी तक वर्षा दर्ज की गई। त्रिपुरा, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में भी भारी बारिश हुई। मिजोरम के पांच जिलों में स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ी।
देश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी-तूफान और वर्षा जनित घटनाओं में 20 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। उत्तर प्रदेश में अचानक आए आंधी और बारिश के दौरान हुए हादसों में 18 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा सात मौतें सुल्तानपुर में, जबकि अमेठी और अयोध्या में तीन-तीन मौतें हुई हैं। झारखंड के गिरिडीह जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और चार घायल हो गए।
हिमाचल प्रदेश में शिमला, मनाली, सुंदरनगर में बूंदाबांदी हुई। इसके अलावा कुल्लू और लाहौल में बारिश हुई। रोहतांग दर्रा, कुंजम दर्रा समेत ऊंची चोटियों में बर्फ के फाहे गिरने से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। खराब मौसम में भी बड़ी संख्या में सैलानी कोकसर पहुंचे और जमकर मस्ती की। इधर, चंबा में पांगी उपमंडल की ऊपरी चोटियों सुसार हिल्स, हुड़ान, गुम्मा, सुराल, सचे जोत में 12.7 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई। डलहौजी, चंबा, भरमौर, तीसा, भटियात विस क्षेत्रों में हल्की बारिश ने लोगों को ठंडक देने का काम किया। बदले मौसम से प्रदेश में 10 डिग्री तक गिरा है और यह अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया था जो दो दिन से बदले मौसम से घटकर 30 से 35 डिग्री तक आ गया है।
जम्मू-कश्मीर में अधिकांश क्षेत्रों में बुधवार तड़के से ही घने बादल छा गए थे। कहीं रिमझिम बारिश हुई तो कहीं तेज। किश्तवाड़, रियासी और चिनैनी समेत विभिन्न क्षेत्रों में रुक-रुककर मूसलाधार बारिश हुई। किश्तवाड़ के सिंथन टॉप पर बर्फबारी हुई। बर्फबारी के कारण किश्तवाड़-अनंतनाग मार्ग पर फिसलन बढ़ गई है। इसके चलते इस मार्ग पर सफर करना असुरक्षित हो गया है। प्रशासन ने एहतियातन मार्ग को बंद कर दिया है। मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चलने से तापमान में काफी गिरावट आई है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.4 डिग्री कम है, वहीं न्यूनतम 11.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को भी कुछ इलाकों में गरज के साथ बारिश होने का अनुमान है।
बंगलूरू में भारी बारिश के बीच बॉवरिंग और लेडी कर्जन अस्पताल की परिसर की दीवार गिरने से दो बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के दौरान कुछ लोग दीवार के पास खड़े थे, तभी अचानक दीवार गिर गई और वे मलबे में दब गए। सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं और अर्थमूवर की मदद से स्थानीय लोगों के सहयोग से मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया और अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज मुफ्त कराया जाएगा। मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा भी की गई।



