भाजपा का स्थापना दिवस केवल उत्सव नहीं, संकल्प का दिन: नितिन नबीन
भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार को पार्टी कार्यालय में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यकर्ताओं के बीच पहला स्थापना दिवस मनाने पर जताई खुशी
नितिन नबीन ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला स्थापना दिवस है, जिसे कार्यकर्ताओं के साथ मनाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि पार्टी की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ताओं में निहित है।
चांदनी चौक के कार्यकर्ताओं से जुड़ाव का जिक्र
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान उन्हें चांदनी चौक जिले के कार्यकर्ताओं के साथ काम करने का अवसर मिला था और आज उन्हीं के बीच उपस्थित होना उनके लिए भावनात्मक क्षण है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भाजपा का स्थापना दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि संकल्प का दिन है, जब कार्यकर्ता पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने का प्रण लेते हैं।
समर्पण और त्याग से बनी मजबूत पहचान
नितिन नबीन ने पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भाजपा की आज की मजबूत स्थिति लाखों कार्यकर्ताओं के समर्पण और त्याग का परिणाम है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1980 में पार्टी की स्थापना हुई, लेकिन इसकी वैचारिक जड़ें भारतीय जनसंघ से जुड़ी हैं, जिसने राष्ट्रवाद की भावना को मजबूती दी।
भाजपा ने देश की राजनीति को दी नई दिशा
प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने 6 अप्रैल को भारतीय राजनीति के लिए ऐतिहासिक दिवस बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व ने पार्टी की मजबूत नींव रखी, जिसके चलते आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन सकी है।
कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर विशेष जोर
कार्यक्रम में सह संगठन मंत्री प्रकाश ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि पार्टी लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है और हाल ही में कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य कार्यकर्ताओं में वैचारिक प्रतिबद्धता बढ़ाना और उनकी कार्यशैली को और प्रभावी बनाना है।
“विकसित भारत” के संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने “विकसित भारत” के संकल्प को दोहराया और पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने का प्रण लिया। इस दौरान सभी ने एक-दूसरे को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।



