भारत AI अपनाने में दुनिया के सबसे तेज बाजारों में : सैम ऑल्टमैन
OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने गुरुवार को कहा कि भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने की रफ्तार असाधारण है और यह कंपनी के लिए दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बन चुका है।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘India AI Impact Summit 2026’ के मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए ऑल्टमैन ने कहा, “भारत में AI का अवसर अद्भुत है। यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है।”
उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। संभव है कि यह इस समय सबसे तेज हो। निश्चित रूप से Codex के लिए यह सबसे तेज है।”
ऑल्टमैन ने बताया कि भारत में अब ChatGPT के 10 करोड़ (100 मिलियन) से अधिक साप्ताहिक उपयोगकर्ता हैं, जिनमें छात्र, शिक्षक, डेवलपर और उद्यमी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “100 मिलियन से अधिक लोग हर सप्ताह ChatGPT का उपयोग करते हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत में AI अपनाने का पैमाना और गति वैश्विक AI पारिस्थितिकी तंत्र में देश के बढ़ते महत्व को दर्शाते हैं।
इससे पहले दिन में ऑल्टमैन ने शिखर सम्मेलन में ‘OpenAI for India’ पहल की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य भारत के लिए विशेष रूप से तैयार AI समाधान विकसित करने हेतु बुनियादी ढांचा तैयार करना, कौशल को मजबूत करना और स्थानीय साझेदारियां स्थापित करना है।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य है “भारत के साथ, भारत के लिए और भारत में AI का निर्माण करना।” इस पहल के तहत, OpenAI अग्रणी भारतीय साझेदारों के साथ सहयोग करेगा, जिसकी शुरुआत Tata Group से होगी, ताकि AI तक पहुंच का विस्तार किया जा सके और इसके आर्थिक व सामाजिक लाभों को बढ़ाया जा सके।
यह साझेदारी सॉवरेन AI क्षमताओं के निर्माण, एंटरप्राइज स्तर पर AI अपनाने में तेजी लाने, कार्यबल के कौशल उन्नयन में निवेश और भारत के बढ़ते AI इकोसिस्टम को समर्थन देने पर केंद्रित होगी। OpenAI की वैश्विक Stargate पहल के तहत कंपनी और टाटा समूह भारत में AI-रेडी डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने के लिए साथ काम करेंगे।
OpenAI, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के HyperVault डेटा सेंटर व्यवसाय का पहला ग्राहक बनेगा। इसकी शुरुआत 100 मेगावाट क्षमता से होगी और समय के साथ इसे बढ़ाकर 1 गीगावाट तक किया जा सकता है।
ऑल्टमैन ने कहा कि भारत की मजबूत तकनीकी प्रतिभा, AI को लेकर आशावाद और सरकारी समर्थन देश को बड़े पैमाने पर लोकतांत्रिक AI अपनाने के भविष्य को आकार देने की स्थिति में रखते हैं।
प्रस्तावित बुनियादी ढांचा OpenAI के उन्नत मॉडलों को भारत के भीतर सुरक्षित रूप से संचालित करने की अनुमति देगा, जिससे कम लेटेंसी सुनिश्चित होगी और डेटा रेजिडेंसी तथा सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन किया जा सकेगा।



