भारत–नेपाल रक्षा सहयोग को मजबूती: भारतीय सेना ने नेपाली सेना को सौंपे 50 मिलिट्री यूटिलिटी वाहन

Indian-Army-gave-50-military-utility-vehicles-to-Nepali-Army

भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से मजबूत और भरोसेमंद रक्षा संबंध रहे हैं। इन्हीं रिश्तों को और अधिक सुदृढ़ करते हुए भारतीय सेना ने नेपाली सेना को 50 सैन्य उपयोग वाले विशेष वाहन (मिलिट्री यूटिलिटी व्हीकल्स) सौंपे हैं। ये वाहन भारत–नेपाल सीमा पर नेपाली सेना को हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे दोनों देशों के रक्षा सहयोग को नई गति मिली है।

काठमांडू में औपचारिक समारोह के दौरान होगा प्रस्तुतीकरण

भारतीय सेना ने सोमवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इन वाहनों को काठमांडू में आयोजित एक औपचारिक समारोह के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा। इस मौके पर नेपाल में भारत के राजदूत द्वारा औपचारिक रूप से यह पहल की जाएगी। भारतीय सेना का यह कदम दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे रक्षा सहयोग को और गहराई देने वाला माना जा रहा है।

नेपाली सेना की क्षमता निर्माण को मिलेगा बल

भारतीय सेना की ओर से उठाया गया यह कदम नेपाली सेना की क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, यह दोनों सेनाओं के बीच मैत्री, आपसी विश्वास और घनिष्ठ सहयोग के मजबूत व स्थायी रिश्ते को भी रेखांकित करता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की पहलें न केवल सैन्य सहयोग बढ़ाती हैं, बल्कि रणनीतिक स्तर पर भी दोनों देशों को और करीब लाती हैं।

द्विपक्षीय संबंधों का अहम स्तंभ है रक्षा सहयोग

गौरतलब है कि भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में सहयोग इन द्विपक्षीय संबंधों का एक अहम स्तंभ माना जाता है।

सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास, उपकरण सहयोग और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में भारत और नेपाल लगातार मिलकर काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

‘सूर्य किरण’ संयुक्त अभ्यास से मजबूत हुआ तालमेल

उल्लेखनीय है कि हाल ही में दिसंबर महीने के दौरान भारत और नेपाल की सेनाओं ने संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘सूर्य किरण’ में हिस्सा लिया था। इस अभ्यास के तहत बादलों के फटने, फ्लैश फ्लड, भूकंप से इमारतों के ढहने और नदी की तेज धारा में फंसे लोगों को निकालने की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया था। इस मॉड्यूल में दोनों देशों की सेनाओं को उन्नत स्तर की आपदा प्रबंधन तकनीकों से अवगत कराया गया।

एनडीआरएफ विशेषज्ञों ने दिया आपदा राहत का प्रशिक्षण

संयुक्त अभ्यास के दौरान एनडीआरएफ के विशेषज्ञों ने आपदा आधारित सटीक बचाव तकनीकों का प्रदर्शन किया। इसमें बादलों के फटने या अचानक आने वाली फ्लैश फ्लड से बचाव के उपाय शामिल थे।

इसके अलावा, भूकंप से इमारतों के ढहने की स्थिति में संरचनात्मक खोज एवं बचाव, नदी-रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत तेज धारा में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की तकनीक और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में त्वरित सहायता के तरीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया।