साइबर अपराध के खिलाफ एक्शन में योगी सरकार, शिकायत के लिए कॉल सेंटर में बढ़ेंगी सीटें
लखनऊ: साइबर अपराधियों द्वारा हड़पी गई रकम को फ्रीज करने और आरोपियों पर त्वरित कार्रवाई के लिए लखनऊ के 1930 कॉल सेन्टर में 30 और सीटें (काल टेकर) जल्दी ही बढ़ाई जाएंगी। इससे इस कॉल सेन्टर पर रोजाना 9 हजार कॉल सुनी जा सकेंगी। इस समय 30 सीट पहले से काम कर रही है जो रोजाना करीब पांच हजार कॉल सुन रही है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री ने साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए कई निर्देश दिए थे। इसी क्रम में मोहनलालगंज के 1930 कॉल सेन्टर की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
इस क्षमता के बढ़ने से पीड़ितों की रकम को कम समय में ही फ्रीज कराने में मदद मिलेगी। साथ ही उनकी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई भी शुरू की जा सकेगी। कई बार कॉल न मिलने की शिकायत भी कम होगी। इस कॉल सेन्टर में साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर भी है। इसमें 13 प्रमुख बैंक के प्रतिनिधि रहते हैं जो शिकायत आते ही धोखाधड़ी से हड़पी रकम को फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि साइबर जागरुकता बढ़ाने के लिए 500 से अधिक कैम्प पिछले दिनों डीजी क्र्राइम वीके सिंह के नेतृत्व में लगाए गए। इनमें 14 कार्यक्रमों में डीजीपी राजीव कृष्ण ने नागरिकों को जागरुक किया।

यूपी पुलिस साइबर अपराधियों द्वारा हड़पी गई रकम को फ्रीज कराने में देश में तीसरे नम्बर पर पहुंच गया है। पहले उसका स्थान 24वां था। डीजीपी राजीव कृष्ण ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अत्यधिक एवं सुनिश्चित लाभ का दावा करने वाली किसी भी योजना पर विश्वास नहीं करना चाहिए। कोई भी वैध वित्तीय प्रणाली कम समय में धन दोगुना करने का आश्वासन नहीं देती। साइबर अपराधी अब अत्यंत परिष्कृत तरीकों से लोगों को भ्रमित करते हैं और अनजाने में ओटीपी व अन्य जानकारियां पता कर लेते हैं। रुपये आधारित ऑनलाइन गेमिंग कई बार गंभीर अपराधों, आत्महत्या तथा पारिवारिक विवाद का कारण बनती है। भारत में कोई भी कानून प्रवर्तन एजेंसी, न्यायालय अथवा विभाग वीडियो कॉल अथवा ऑनलाइन माध्यम से गिरफ्तारी नहीं करती है।

