CTET : सीटीईटी परीक्षा कल से, 2 घंटा पहले पहुंचें, क्या है ड्रेस कोड, सिर्फ 4 चीजें लाने की अनुमति, 10 अहम नियम
CTET Dress Code , Guidelines : केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से 7 और 8 फरवरी को केन्द्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 (सीटीईटी) का आयोजन देश के 140 शहरों में किया जाएगा। दोनों दिनों की सीटईटी परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं। प्रवेश पत्र ctet.nic.in/link2-download-admit-card-ctet-feb-2026/ लिंक पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। दोनों दिनों में पेपर-1 और पेपर-2 की परीक्षाएं होंगी। सात फरवरी को पेपर-2 सुबह 9.30 से दोपहर 12.00 बजे तक और पेपर-1 दोपहर 2.30 से शाम 5.00 बजे तक आयोजित होगा। 8 फरवरी को भी यही क्रम दोहराया जाएगा। परीक्षा 2:30 घंटे की अवधि की होगी। सीबीएसई ने सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिया है कि वे अपना सटीक परीक्षा तिथि और समय अपने प्रवेश पत्र में दर्ज जानकारी से ही सुनिश्चित करें और उसी के अनुसार परीक्षा केन्द्र पर पहुंचें। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुरू होने के बाद किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
CTET Exam Day Guidelines 2026: सीटीईटी परीक्षा 2026 के लिए गाइडलाइंस
- क्या लाना अनिवार्य
सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के भीतर सिर्फ चार चीजें ले जाने की अनुमति है – ऑरिजनल एडमिट कार्ड, ऑरिजनल फोटो आईडी प्रूफ, नीला या काला बॉल पेन और आधा लीटर की ट्रांसपेरेंट पानी की बोतल। - ऑरिजनल एडमिट कार्ड और ऑरिजनल फोटो आईडी प्रूफ दिखाए बगैर परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं मिलेगी।
- सीटीईटी परीक्षार्थी अपने फोटो आईडी प्रूफ के तौर पर पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड में से कोई भी एक ला सकते हैं।
- 2 घंटे पहले पहुंचें
परीक्षार्थियों से कहा गया है कि वे परीक्षा शुरू होने से दो घंटा पहले एग्जाम सेंटर रिपोर्ट करें। यानी पहले पेपर का रिपोर्टिंग टाइम साढ़े 7 बजे और दूसरे पेपर का रिपोर्टिंग टाइम साढ़े 12 बजे होगा। सुबह 9:30 बजे और दोपहर में 2.30 बजे के बाद एंट्री नहीं मिलेगी। - सीटीईटी ड्रेस कोड ( CTET Dress Code )
परीक्षार्थियों के कपड़े को लेकर कोई विशेष निर्देश नहीं हैं लेकिन कहा गया है कि अभ्यर्थी जूलरी पहनकर न लाएं। धातु की चीजें परीक्षा केंद्र में पहनकर न आएं। - ये जीजें हैं बैन – मैटाइलिक आइटम, पुस्तकें, नोट्स, कागज के टुकड़े, ज्योमेट्री, पेंसिल बॉक्स, गोल्ड या आर्टिफिशियल ऑर्नामेंट्स, प्लास्टिक पाउच, पेंसिल, स्केल, लॉग टेबल, राइटिंग पैड, रबर, व्हाइटनर, कार्डबोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, घड़ी/कलाई घड़ी, बटुआ, चश्मा कवर, हैंडबैग, मोबाइल फोन, ईयरफोन, माइक्रोफोन, कैमरा, हेडफोन, पेन ड्राइव, पेजर, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक पेन/स्कैनर, खाने पीने का सामान तथा कोई भी अन्य वस्तु जिसका उपयोग अनुचित साधन के रूप में किया जा सके।
- परीक्षा खत्म हुए बगैर परीक्षा केंद्र छोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
- दिव्यांगों के लिए लेखक की सुविधा और अतिरिक्त समय मिलेगा सीटीईटी में दिव्यांगजन श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण सुविधाएं और नियम जारी किए गए हैं। निर्देशों के अनुसार दिव्यांगता वाले उम्मीदवार जिन्हें लिखने में कठिनाई होती है, उन्हें लेखक की सहायता और प्रति घंटे में 50 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। लेकिन सुविधाओं को पाने के लिए सबसे जरूरी है कि उम्मीदवार उचित फॉर्मेट में जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र और यूडीआईडी कार्ड की प्रति जमा करेंगे। बड़े अक्षरों में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया जाएगा: दृष्टिबाधित उम्मीदवारों के लिए बड़े फॉन्ट में अलग से प्रश्न पत्र उपलब्ध होगा, साथ ही सामान्य प्रश्न पत्र भी रहेगा। उम्मीदवार अपनी पसंद का प्रश्न पत्र इस्तेमाल कर सकते हैं।
- कितने होने चाहिए न्यूनतम मार्क्स
सीटीईटी परीक्षा को पास करने के लिए किसी भी अभ्यर्थी को न्यूनतम योग्यता अंक हासिल करना आवश्यक है। CTET मिनिमम पासिंग मार्क्स – जनरल कैटेगरी के लिए 150 में कम से कम 90 अंक (60 प्रतिशत ) आने चाहिए, जबकि एससी, एसटी के लिए 150 में से 82 अंक (55 फीसदी ) आने चाहिए। - आपको बता दें कि सीबीएसई हर साल दो बार सीटीईटी परीक्षा आयोजित करता है। सीटेट के पेपर -1 में भाग लेने वाले सफल उम्मीदवार कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 तक के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे। जबकि पेपर -2 में बैठने वाले सफल अभ्यर्थी कक्षा 6 से 8वीं तक के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे। इस परीक्षा को पास करने वाले परीक्षार्थी देशभर के केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और आर्मी स्कूलों में शिक्षकों के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस बार सीटीईटी में दिखेगा अलग नजारा, 25 लाख से ज्यादा आवेदक
सीटीईटी यानी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा जब 7 व 8 फरवरी 2026 को होगी, तब पिछले कुछ सालों से अलग नजारा दिखाई देगा। वजह इस बार अभ्यर्थियों की संख्या पहले से कहीं ज्यादा होगी। सेवारत शिक्षकों के लिए भी टीईटी अनिवार्य होने से इस बार रिकॉर्ड 25 लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं।

टीचरों को नौकरी में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से देश भर के हजारों प्राइमरी शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। यूपी, झारखंड, एमपी व राजस्थान समेत देश के विभिन्न राज्यों में ऐसे लाखों शिक्षक हैं जो बगैर टीईटी पास किए वर्षों से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। अब इन टीचरों को 2 साल में टीईटी पास करना ही होगा वरना या तो इन्हें इस्तीफा देना होगा या फिर इन्हें जबरन रिटायर कर दिया जाएगा। इस कड़े फैसले से सिर्फ उन्हें छूट मिलेगी जिनकी नौकरी 5 साल की बची है। लेकिन इन्हें भी अगर प्रमोशन चाहिए तो टीईटी पास करना ही पड़ेगा। अब बगैर टीईटी वाले लाखों टीचरों ने सीटीईटी के लिए आवेदन किया है।

