विजय दिवस पर वायुसेना ने याद की 1971 की ऐतिहासिक जीत
1971 में हुए भारत -पाक युद्ध में मिली ऐतिहासिक विजय को याद करते हुए बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने शानदार एयर डिस्प्ले प्रस्तुत किया।
एयर डिस्प्ले में सुखोई-30 एमकेआई, सी-130, डोर्नियर, एएन-32, चिनूक, एमआई-17, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और चीता जैसे विमान हुए शामिल
इस एयर डिस्प्ले में सुखोई-30 एमकेआई, सी-130, डोर्नियर, एएन-32, चिनूक, एमआई-17, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और चीता जैसे विमान शामिल थे। समारोह में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी में इन विमानों के प्रदर्शन के माध्यम से 1971 युद्ध की प्रमुख सैन्य कार्रवाइयों- टंगाइल एयरड्रॉप, मेघना नदी पार अभियान और ढाका स्थित गवर्नमेंट हाउस पर हमले को जीवंत रूप से पुन: प्रस्तुत किया गया।
वायुसेना ने यह आयोजन असम के एयर फोर्स स्टेशन मोहानबाड़ी में किया
इस फ्लाइंग डिस्प्ले ने भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता, तत्परता और मिशन-रेडीनेस को प्रभावी ढंग से दर्शाया। भारतीय वायुसेना ने यह आयोजन असम के एयर फोर्स स्टेशन मोहानबाड़ी में किया, जहां पूरे सम्मान और गौरव के साथ विजय दिवस मनाया गया। इस अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, वीरता और बलिदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में राष्ट्र की रक्षा में सशस्त्र बलों की निर्णायक भूमिका और 1971 की ऐतिहासिक विजय को स्मरणीय रूप में प्रस्तुत किया गया
समारोह में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह, वरिष्ठ सैन्य एवं नागरिक अधिकारी, 1971 युद्ध के दिग्गज (वेटरन्स) और बड़ी संख्या में असम के युवा मौजूद रहे। कार्यक्रम में राष्ट्र की रक्षा में सशस्त्र बलों की निर्णायक भूमिका और 1971 की ऐतिहासिक विजय को स्मरणीय रूप में प्रस्तुत किया गया।

युवा पीढ़ी को देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरणा मिली
इस विशेष अवसर पर ‘1971 युद्ध के दौरान वायु संचालन’ विषय पर एक विशेष सेमिनार भी आयोजित किया गया। इसमें वायुसेना के पूर्व सैनिकों ने युद्ध के अनुभव, स्मृतियां और प्रेरक प्रसंग साझा किए, जिससे युवा पीढ़ी को देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरणा मिली।
‘ट्रायंफ फ्रॉम द स्काई-71’ शीर्षक से एक प्रदर्शनी का आयोजन
इसके अलावा ‘ट्रायंफ फ्रॉम द स्काई-71’ शीर्षक से एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें 1971 युद्ध काल की दुर्लभ और ऐतिहासिक तस्वीरें प्रदर्शित की गईं। प्रदर्शनी में ‘स्वर्णिम विजय मशाल’ की प्रतिकृति भी रखी गई, जो भारत की निर्णायक विजय का प्रतीक है।
1971 के वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस समारोह का उद्देश्य न केवल 1971 के वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करना था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रीय गौरव, देशभक्ति और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की भावना को और सुदृढ़ करना भी था।

