सऊदी के तेल टैंकरों पर हमला… पाकिस्तान ने निभाया सिर्फ ‘फोन डिप्लोमेसी’, रक्षा समझौते पर उठे बड़े सवाल

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नई दिल्ली: लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमले के बाद पाकिस्तान की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफ प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के नेतृत्व से बातचीत कर हमले की कड़ी निंदा की, लेकिन दूसरी ओर दोनों देशों के बीच हुए रक्षा सहयोग समझौते के बावजूद किसी प्रत्यक्ष कार्रवाई से दूरी बनाए रखी। इस घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान की रणनीति और उसकी विदेश नीति पर चर्चा तेज हो गई है।

रक्षा समझौते के बावजूद नहीं दिखा कोई ठोस कदम

पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा सहयोग का ऐसा समझौता है, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला दोनों की सुरक्षा से जुड़ा मामला माना जाता है। ऐसे में लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हमले के बाद पाकिस्तान से सक्रिय भूमिका निभाने की उम्मीद थी, लेकिन उसने केवल कूटनीतिक स्तर पर हमले की निंदा कर अपना पक्ष रखा।

हूती हमले के बाद सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहा पाकिस्तान

गुरुवार तड़के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इसके बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से टेलीफोन पर बातचीत कर एकजुटता जताई और हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। हालांकि, सुरक्षा या सैन्य स्तर पर किसी कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई।

ईरान से करीबी रिश्ते बने बड़ी चुनौती

विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की स्थिति इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि उसके ईरान के साथ भी घनिष्ठ संबंध हैं। हाल ही में ईरान के गृह मंत्री ने पाकिस्तान का दौरा किया था, जहां दोनों देशों ने आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई थी। ऐसे में हूती विद्रोहियों के खिलाफ कोई भी सख्त कदम पाकिस्तान के लिए ईरान के साथ संबंधों पर असर डाल सकता है।

शहबाज शरीफ ने हमले पर क्या कहा?

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि उन्होंने सऊदी तेल टैंकरों पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं, समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता के लिए खतरा हैं और क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा को कमजोर करती हैं।

पाक विदेश मंत्रालय ने भी जारी किया बयान

हमले के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि यदि लाल सागर में पाकिस्तान के झंडे वाले जहाजों या उसके व्यावसायिक समुद्री हितों पर हमला होता है तो उसे पाकिस्तान पर हमला माना जाएगा और उसका तत्काल जवाब दिया जाएगा। उन्होंने ऐसी किसी भी घटना को पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।

हूती विद्रोहियों ने समुद्री नाकेबंदी का किया ऐलान

हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा करते हुए कहा है कि बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सऊदी जहाजों को रोका जाएगा। उनका कहना है कि यह कदम यमन के बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर सऊदी अरब की ओर से लागू नाकेबंदी के जवाब में उठाया गया है।

 

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