2028 तक सोने की कीमत तोड़ सकती है सारे रिकॉर्ड, 2 लाख रुपये के पार जा सकता है 10 ग्राम का भाव!
नई दिल्ली: सोने की कीमतों में आने वाले समय में बड़ी तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, सरकारी बॉन्ड से जुड़े जोखिम और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने को तरजीह दे रहे हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की लगातार खरीदारी और निवेशकों की बढ़ती मांग के चलते अगले दो वर्षों में इसकी कीमत नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। इस अनुमान के आधार पर भारतीय बाजार में 2028 तक सोने का भाव 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जाने की संभावना जताई जा रही है।
सोने की कीमतों में तेजी की क्या है वजह?
रिपोर्ट के अनुसार, फंड मैनेजरों को उम्मीद है कि मध्यम और लंबी अवधि में सोने की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। सरकारी बॉन्ड से जुड़े जोखिम, मुद्राओं की कीमत में गिरावट की आशंका और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
इसके अलावा, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक भी अपने सोने के भंडार में लगातार बढ़ोतरी कर रहे हैं। आधिकारिक स्तर पर हो रही यह खरीदारी वैश्विक बाजार में मांग को मजबूत कर रही है और लंबी अवधि में सोने की कीमतों को सहारा दे सकती है।
सितंबर में केंद्रीय बैंकों ने खरीदा 63 टन सोना
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, केंद्रीय बैंकों ने सितंबर में करीब 63 टन सोने की खरीदारी की। नवंबर 2024 के बाद किसी एक महीने में दर्ज की गई यह सबसे बड़ी खरीद बताई गई है। ये आंकड़े केंद्रीय बैंकों और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के आंकड़ों के आधार पर संकलित किए गए हैं।
केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने का भंडार बढ़ाने की यह प्रवृत्ति वैश्विक बाजार में इसकी मांग को मजबूती दे रही है। ऐसे में सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे निवेशकों और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी का असर आने वाले समय में सोने की कीमतों पर दिखाई दे सकता है।
पहले 5,500 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच चुका है सोना
रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 4,075 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गई। इस दौरान निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर संभावनाओं का आकलन कर रहे थे।
इस साल जनवरी में तेजी के दौरान सोने का भाव 5,500 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया था। हालांकि, इसके बाद कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन भाव ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर बने रहे। अब एक बार फिर सोने के नए रिकॉर्ड बनाने की संभावना जताई जा रही है। भारतीय बाजार में 2028 तक 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर पार करने का अनुमान भी निवेशकों का ध्यान खींच रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में सुधार
सप्ताह की शुरुआत में भारी बिकवाली के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में कुछ सुधार देखने को मिला। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को कॉमेक्स गोल्ड वायदा 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,177.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
वहीं, चांदी के वायदा भाव में 0.48 प्रतिशत की तेजी आई और यह 57.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में सुधार के बावजूद घरेलू बाजार में सोने और चांदी पर दबाव बना रहा।
घरेलू बाजार में सोना 900 रुपये और चांदी 6,000 रुपये सस्ती
गुरुवार को नई दिल्ली में सोने की कीमत 900 रुपये गिरकर 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र था, जब सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई।
इसी दौरान चांदी की कीमत भी 6,000 रुपये टूटकर 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। घरेलू बाजार में रुपये की मजबूती और भौतिक मांग में कमी को कीमतों में गिरावट की प्रमुख वजह माना गया।
इस तरह, लंबी अवधि में तेजी की संभावनाओं के बावजूद सोने और चांदी की कीमतों में निकट अवधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
क्या निवेशकों को 2 लाख रुपये के भाव के लिए तैयार रहना चाहिए?
2028 तक सोने की कीमत 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जाने का अनुमान केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग पर आधारित है। हालांकि, इसे सोने की कीमत का निश्चित लक्ष्य नहीं माना जा सकता।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बदलाव, डॉलर की चाल, रुपये का मूल्य और बाजार में मांग जैसे कई कारक सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर एक संभावित अनुमान है, न कि कीमतों में निश्चित बढ़ोतरी की गारंटी।





