रोजाना नहाना सेहत के लिए पड़ सकता है भारी! त्वचा से लेकर आंखों तक हो सकता है नुकसान, जानें सही तरीका
नई दिल्ली: बचपन से ही रोजाना नहाने और शरीर को साफ रखने की सलाह दी जाती रही है। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक, हर दिन नहाना हर किसी के लिए जरूरी नहीं है और कुछ स्थितियों में बार-बार नहाने से त्वचा को नुकसान भी पहुंच सकता है। खासतौर पर बहुत गर्म पानी, लंबे समय तक नहाना और बार-बार साबुन का इस्तेमाल त्वचा के प्राकृतिक तेल और अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बिगाड़ सकता है।
त्वचा की प्राकृतिक परत को हो सकता है नुकसान
स्वस्थ त्वचा पर प्राकृतिक तेल और अच्छे बैक्टीरिया की एक संतुलित परत होती है, जो त्वचा को बाहरी संक्रमण और एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों से बचाने में मदद करती है। नहाते समय त्वचा को ज्यादा रगड़ने या बार-बार साफ करने से यह प्राकृतिक सुरक्षा परत प्रभावित हो सकती है। गर्म पानी से नहाने पर यह असर और बढ़ सकता है।
त्वचा की प्राकृतिक नमी कम होने से रूखापन और खुरदरापन बढ़ सकता है। इससे बाहरी बैक्टीरिया और एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों के संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे त्वचा में संक्रमण या एलर्जी की समस्या हो सकती है। इसलिए नहाने के बाद त्वचा पर क्रीम या मॉइस्चराइजर लगाने की सलाह दी जाती है।
इम्यून सिस्टम पर भी पड़ सकता है असर
शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र सामान्य बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीवों के संपर्क से भी अपनी क्षमता विकसित करता है। इसी वजह से बच्चों को हर दिन नहलाने की जरूरत नहीं मानी जाती। बार-बार नहाने और जरूरत से ज्यादा त्वचा की सफाई करने से शरीर की प्राकृतिक सूक्ष्मजीवी संतुलन प्रभावित हो सकता है।
एंटी-बैक्टीरियल साबुन और शैंपू का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल भी त्वचा पर मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे त्वचा पर बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने और कम अनुकूल बैक्टीरिया के बढ़ने का खतरा हो सकता है।
ड्राय स्किन वालों को रखना चाहिए खास ध्यान
जिन लोगों को पहले से त्वचा संबंधी समस्या या बहुत ज्यादा रूखी त्वचा की परेशानी है, उन्हें लंबे समय तक नहाने से बचना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे लोगों के लिए करीब 5 मिनट तक नहाना पर्याप्त हो सकता है। लंबे समय तक शावर के नीचे खड़े रहने से त्वचा और बालों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
गर्म पानी से बढ़ सकती है परेशानी
ठंड के मौसम में लंबे समय तक गर्म पानी से नहाना आरामदायक जरूर लगता है, लेकिन इससे त्वचा के प्राकृतिक तेल तेजी से कम हो सकते हैं। बहुत गर्म पानी त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे खुजली, रूखापन और रैशेज की समस्या बढ़ सकती है।
पानी बहुत ज्यादा गर्म या बहुत ज्यादा ठंडा रखने के बजाय सामान्य तापमान के पानी का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। नहाने का समय भी जरूरत से ज्यादा लंबा नहीं होना चाहिए।
साबुन का इस्तेमाल भी सोच-समझकर करें
अगर त्वचा सामान्य है तो नियमित साबुन का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन जिन लोगों की त्वचा पहले से रूखी है, उन्हें साबुन के इस्तेमाल में सावधानी बरतनी चाहिए। साबुन त्वचा का प्राकृतिक तेल हटा सकता है, जिससे ड्रायनेस और बढ़ सकती है।
आंखों की नमी पर भी पड़ सकता है असर
बहुत गर्म पानी से नहाने का असर आंखों पर भी पड़ सकता है। इससे आंखों की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है और हल्की खुजली या असहजता महसूस हो सकती है। इसलिए नहाते समय बहुत गर्म पानी के बजाय सामान्य तापमान के पानी का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।





