माइक्रोसॉफ्ट की नौकरी छोड़ने पर 23 साल के इंजीनियर को मिलेंगे 11 लाख रुपये, ऑफर ने बढ़ाई मुश्किल!
60 हजार कर्मचारियों तक पहुंच सकती है योजना
जानकारी के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना पेश की है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को अपनी इच्छा से इस्तीफा देने पर आर्थिक पैकेज दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कंपनी की इस पहल के दायरे में करीब 60 हजार कर्मचारी आ सकते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सामने नौकरी जारी रखने या आर्थिक लाभ लेकर कंपनी से बाहर निकलने का विकल्प मौजूद है।
23 साल के इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर मांगी सलाह
हैदराबाद में कार्यरत 23 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर अपनी स्थिति साझा करते हुए लोगों से राय मांगी है। उसने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट की ओर से स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने पर तीन महीने की पूरी सैलरी देने का प्रस्ताव मिला है। उसके वेतन के हिसाब से यह राशि करीब 11 लाख रुपये बनती है।
युवा इंजीनियर ने लोगों के सामने सवाल रखा है कि क्या उसे यह रकम लेकर नौकरी छोड़ देनी चाहिए या फिर कंपनी में काम जारी रखना बेहतर होगा। कम उम्र में प्रतिष्ठित टेक कंपनी में काम करने के बीच अचानक मिले इस प्रस्ताव ने उसके सामने करियर को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
सोशल मीडिया पर दो हिस्सों में बंटी लोगों की राय
इंजीनियर की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों का मानना है कि माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनी में नौकरी मिलना युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि है। ऐसे में केवल तीन महीने की सैलरी के बदले नौकरी छोड़ने का फैसला सोच-समझकर ही लेना चाहिए।
कुछ यूजर्स ने इंजीनियर को सलाह दी है कि वह फिलहाल इस प्रस्ताव को स्वीकार न करे। उनका तर्क है कि मौजूदा रोजगार बाजार में नई नौकरी हासिल करना आसान नहीं है। खासकर तकनीकी क्षेत्र में नौकरी छोड़ने से पहले दूसरे अवसरों और भविष्य की संभावनाओं का आकलन करना जरूरी है।
दूसरी नौकरी का भरोसा है तो ऑफर पर कर सकते हैं विचार
वहीं, कुछ लोगों की राय इससे अलग है। उनका कहना है कि यदि इंजीनियर के पास अच्छा कौशल है और दूसरी कंपनी में नौकरी मिलने की संभावनाएं मजबूत हैं, तो वह इस प्रस्ताव को स्वीकार करने पर विचार कर सकता है। नौकरी छोड़ने के बदले मिलने वाली रकम का इस्तेमाल नई नौकरी तलाशने के दौरान आर्थिक सहारे के रूप में किया जा सकता है।
हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि वह अपने कौशल, अनुभव, बचत और भविष्य में रोजगार मिलने की संभावनाओं को ध्यान में रखकर फैसला करे। केवल एकमुश्त रकम को देखकर जल्दबाजी में नौकरी छोड़ना जोखिम भरा हो सकता है।
फिलहाल इंजीनियर ने नहीं लिया अंतिम फैसला
फिलहाल 23 वर्षीय इंजीनियर ने माइक्रोसॉफ्ट के इस प्रस्ताव को स्वीकार करने या ठुकराने को लेकर कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया है। उसका असमंजस बरकरार है कि तीन महीने की सैलरी के बराबर 11 लाख रुपये लेकर कंपनी छोड़ना बेहतर होगा या मौजूदा पद पर बने रहना।
इस मामले ने माइक्रोसॉफ्ट की स्वैच्छिक निकास योजना के साथ ही तकनीकी क्षेत्र में नौकरी की सुरक्षा, कर्मचारियों के करियर और बदलते रोजगार बाजार को लेकर नई बहस छेड़ दी है।





