ममूटी को तिलक लगवाना पड़ा भारी? सोशल मीडिया पर उठे सवाल, हरिश्री यूसुफ ने आलोचकों को दिया करारा जवाब

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नई दिल्ली: मलयालम सुपरस्टार ममूटी को गुजरात में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान माथे पर तिलक लगाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। समारोह में पहुंचने पर एक महिला ने उनका तिलक लगाकर स्वागत किया और उनके गले में तिरंगे रंग का पारंपरिक अंगवस्त्र भी डाला। इसी को लेकर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए। इसके बाद अभिनेता और कॉमेडियन हरिश्री यूसुफ ममूटी के बचाव में सामने आए और आलोचकों को जवाब दिया।

ममूटी को गुजरात के एकता नगर में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में ‘बेस्ट एक्टर’ का सम्मान लेने पहुंचे थे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उन्हें स्वागत के दौरान तिलक लगाए जाते हुए देखा गया। इसके बाद कुछ यूजर्स ने उनके मुस्लिम होने का हवाला देते हुए तिलक स्वीकार करने पर सवाल उठाए।

हरिश्री यूसुफ ने आलोचना पर जताई नाराजगी

हरिश्री यूसुफ ने एक वीडियो संदेश के जरिए ममूटी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि ममूटी एक कलाकार हैं और कलाकारों की सोच संकीर्ण नहीं होती। उनके मुताबिक कलाकार चीजों को व्यापक नजरिए से देखते हैं।

यूसुफ ने तिलक लगाए जाने को लेकर सवाल उठाने वाले सोशल मीडिया यूजर की सोच की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बड़े कार्यक्रमों और होटलों में मेहमानों का तिलक लगाकर स्वागत करना एक सामान्य परंपरा है और इसे धार्मिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

‘कुएं का मेंढक’ कहकर साधा निशाना

यूसुफ ने आलोचक की सोच को संकीर्ण बताते हुए उसे ‘कुएं का मेंढक’ कहा। उनका कहना था कि स्वागत के एक पारंपरिक तरीके को सांप्रदायिक मुद्दे में बदलना उचित नहीं है।

उन्होंने ममूटी के सामाजिक योगदान का भी उल्लेख किया। यूसुफ ने कहा कि ममूटी ने समाज के लिए कई अच्छे काम किए हैं और दुनियाभर में मलयाली समुदाय के बीच उनका बड़ा सम्मान है।

उन्होंने ममूटी की ओर से बच्चों की मुफ्त हार्ट सर्जरी के लिए फंडिंग किए जाने और केरल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने जैसे योगदान का भी जिक्र किया।

भक्ति के अलग-अलग तरीकों का दिया उदाहरण

हरिश्री यूसुफ ने कहा कि लोगों की आस्था जताने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं। उन्होंने तिलक लगाने, क्रॉस का निशान बनाने और प्रार्थना के दौरान सिर झुकाने जैसे उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी के पीछे भक्ति की भावना हो सकती है।

उन्होंने धर्म को लेकर संकीर्ण सोच की आलोचना की और कहा कि धर्म का उद्देश्य लोगों को आपस में लड़ाना नहीं, बल्कि इंसान को बेहतर बनाना होना चाहिए। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स से सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाली टिप्पणियों से बचने की अपील की।

हरिश्री यूसुफ का फिल्मी सफर

हरिश्री यूसुफ मलयालम सिनेमा और मंच से जुड़े कलाकार हैं। उन्होंने ‘म्यो’, ‘इनी उथारम’ और ‘अमर अकबर एंथनी’ जैसी फिल्मों में काम किया है।

ममूटी के समर्थन में उनका बयान ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में अभिनेता के स्वागत का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

ममूटी और कार्तिक आर्यन को मिला बेस्ट एक्टर अवॉर्ड

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ममूटी और कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया। ममूटी को मलयालम फिल्म ‘ब्रमायुगम’ में उनके अभिनय के लिए सम्मान मिला, जबकि कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए यह पुरस्कार मिला।

यह ममूटी का सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के रूप में चौथा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार है। 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुरस्कार प्रदान किए। इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह पहली बार दिल्ली से बाहर आयोजित किया गया था।

 

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