‘झील किसी भी वक्त फूट सकती है’, चीन ने नेपाल को किया अलर्ट, ल्हेन्दे नदी के पास मंडरा रहा नया खतरा

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काठमांडू: नेपाल में भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बीच एक और बड़ा खतरा सामने आया है। चीन ने नेपाल को सतर्क करते हुए चेतावनी दी है कि ल्हेन्दे नदी के ऊपरी हिस्से में बनी झील किसी भी समय फूट सकती है। चीन की ओर से भेजे गए संदेश में कहा गया है कि पिछले दो दिनों से बन रही झील का पानी लगातार गहरा होता जा रहा है, जो उसके संभावित रूप से टूटने का संकेत हो सकता है। नेपाल में बाढ़ से अब तक 587 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं।

चीन ने नेपाल को बताया है कि झील में पानी की मात्रा फिलहाल बहुत अधिक नहीं है, इसलिए इसके टूटने की स्थिति में निचले इलाकों की नदियों में जलप्रवाह कुछ बढ़ सकता है। हालांकि, इसके बहुत ज्यादा बढ़ने की संभावना नहीं जताई गई है। इसके बावजूद चीन ने निचले तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

हिमचट्टान टूटने से नदी का रास्ता हुआ बंद
ल्हेन्दे नदी के ऊपरी हिस्से में हिमचट्टान टूटने के कारण नदी का प्रवाह रुक गया था। इसके बाद वहां पानी जमा होने से झील बन गई। इसके अलावा चीन की तरफ बहने वाली छोछेन नदी और नेपाल की ओर स्थित पुरेपु नदी का संगम भी मलबे के कारण आई बाढ़ से अवरुद्ध हो गया है।

इस प्राकृतिक अवरोध के चलते पानी लगातार जमा हो रहा है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय के मुताबिक, शुक्रवार तक झील में करीब 25 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था। अनुमान है कि अगले तीन दिनों में इसमें करीब 30 लाख घन मीटर और पानी जमा हो सकता है।

ड्रोन और उपग्रह से हो रही लगातार निगरानी
संभावित खतरे को देखते हुए चीन प्रभावित इलाके की लगातार निगरानी कर रहा है। इसके लिए ड्रोन और उपग्रहों की मदद ली जा रही है। चीन ने संभावित बाढ़ के प्रभाव का आकलन करने के लिए बाढ़ के बहाव की मॉडलिंग भी की है।

चीनी पक्ष के आकलन के अनुसार, यदि झील को रोकने वाले बांध या प्राकृतिक अवरोध का कुछ हिस्सा टूटता है तो पानी का अधिकतम बहाव 500 घन मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच सकता है। हालांकि, चीन के मुताबिक यह बहाव मुख्य रूप से नदी के किनारों के दायरे तक ही सीमित रहने की संभावना है।

बाढ़ के बीच नेपाल के सामने बढ़ी चुनौती
नेपाल पहले से ही भीषण बाढ़ और उससे हुई तबाही से जूझ रहा है। ऐसे में ल्हेन्दे नदी के ऊपरी हिस्से में बनी झील ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। चीन की ओर से लगातार निगरानी और चेतावनी के बीच निचले इलाकों में रहने वाले समुदायों को संभावित जलप्रवाह को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

 

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