इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस, रजा मुराद ने किया मुंबई पुलिस का समर्थन; बोले- विदेशी को देश के अंदरूनी मामलों में दखल का हक नहीं
रजा मुराद ने किया मुंबई पुलिस की कार्रवाई का समर्थन
रजा मुराद ने इमरान खान को जारी किए गए नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है, उसे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इमरान खान चाहें तो इस मामले में कानूनी रास्ता अपना सकते हैं।
रजा मुराद के मुताबिक, उन्हें अब जानकारी मिली है कि इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नागरिक होने के नाते उन्हें या किसी अन्य विदेशी व्यक्ति को भारत के आंतरिक मामलों और राजनीति में इस तरह सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने मुंबई पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि पुलिस कानून के दायरे में रहकर काम कर रही है। उनके अनुसार, इमरान खान को तुरंत देश छोड़ने के लिए नहीं कहा गया, बल्कि इसके लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
इमरान खान के पास दो विकल्प, 28 अक्टूबर तक छोड़ना होगा देश
रजा मुराद ने कहा कि इमरान खान के सामने दो विकल्प हैं। पहला, वह 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ दें। दूसरा, यदि उन्हें लगता है कि उनके साथ अन्याय हुआ है या उन्हें गलत तरीके से देश से बाहर भेजने की कोशिश की जा रही है, तो वह अदालत में चुनौती दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां हर व्यक्ति को न्याय पाने के लिए अदालत जाने का अधिकार है। अदालत जो भी फैसला सुनाए, उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
नोटिस को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी
इमरान खान ने भारत छोड़ने के नोटिस को अदालत में चुनौती देने का फैसला किया है। खबर के मुताबिक, उनकी कानूनी टीम इस मामले को बॉम्बे हाई कोर्ट में ले जाने की तैयारी कर रही है।
अब इस मामले में अदालत का फैसला अहम होगा। इमरान खान को भारत में रहने की अनुमति मिलेगी या उन्हें देश छोड़ना होगा, इस पर आगे की स्थिति कानूनी कार्यवाही और अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।
रजा मुराद के बयान पर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
रजा मुराद के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने उनके रुख का समर्थन किया, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने विदेशी नागरिकों के विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक अभिव्यक्ति के अधिकार को लेकर सवाल उठाए।
एक उपयोगकर्ता ने टिप्पणी की कि भारतीय नागरिक विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन अमेरिकी नागरिक को सही मुद्दे पर आवाज उठाने से क्यों रोका जाए। वहीं, एक अन्य उपयोगकर्ता ने कहा कि इमरान खान पहले से ही अमेरिकी नागरिक रहे हैं और वह कभी भारतीय नागरिक नहीं थे।
कुछ लोगों ने रजा मुराद के बयान की सराहना करते हुए कहा कि अपनी ही फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े व्यक्ति के मामले में अलग राय रखना आसान नहीं होता। अन्य उपयोगकर्ताओं ने भी उनकी बात का समर्थन किया और कहा कि देश के हित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।





