शेफाली-मंधाना का तूफान, जिम्बाब्वे के गेंदबाज पस्त! भारत ने 53 गेंद शेष रहते 9 विकेट से जीता मैच, सीरीज पर कब्जा
शेफाली वर्मा ने 25 गेंदों में ठोका तूफानी अर्धशतक
103 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने आक्रामक शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों से ही जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और तेजी से रन बटोरे।
शेफाली ने महज 25 गेंदों में 55 रन की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में चौके और छक्के लगाकर मैदान के चारों ओर रन बनाए। ऑफ स्पिनर बिलव्ड बिजा की गेंद पर छक्का जड़कर उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया। यह उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 22वां अर्धशतक बताया गया।
शेफाली ने मिशेल मावुंगा के एक ओवर में लगातार तीन गेंदों पर चौका, चौका और छक्का लगाकर अपने इरादे साफ कर दिए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के सामने जिम्बाब्वे की गेंदबाजों को रन रोकने का मौका नहीं मिला।
स्मृति मंधाना ने नाबाद 47 रन बनाकर दिलाई जीत
भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने भी शानदार लय में बल्लेबाजी की। उन्होंने 25 गेंदों पर नाबाद 47 रन बनाए और शेफाली के साथ पहले विकेट के लिए 96 रन की तेज साझेदारी की।
मंधाना ने तेज गेंदबाज न्याशा ग्वांजुरा के खिलाफ लगातार चार चौके जड़कर भारतीय पारी की रफ्तार बढ़ाई। इसके बाद ओलिंडर चारे की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर उन्होंने भारत को जीत दिला दी।
भारत ने 8.5 ओवर में एक विकेट खोकर 104 रन बना लिए। इस तरह टीम ने लक्ष्य हासिल करने के लिए 53 गेंदें शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया। पूर्णकालिक कप्तान के रूप में स्मृति मंधाना ने भी सीरीज जीत के साथ शानदार शुरुआत की।
भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को 102 रन पर रोका
इससे पहले टॉस जीतकर जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उसे बड़ा स्कोर बनाने का मौका नहीं दिया। जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट पर 102 रन ही बना सकी।
तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने सलामी बल्लेबाज केलिस न्द्लोवु को 11 गेंदों में बिना खाता खोले बोल्ड कर दिया। पावरप्ले के छह ओवर में जिम्बाब्वे की टीम एक विकेट पर सिर्फ 20 रन बना सकी। इसके बाद बिलव्ड बिजा भी 7 रन बनाकर आउट हो गईं, जिससे टीम की मुश्किलें बढ़ गईं।
भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने से रोके रखा। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से मेहमान टीम बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच सकी।
चिपो तिरिपानो और कप्तान नकोमो ने संभाली पारी
शुरुआती विकेट गिरने के बाद चिपो तिरिपानो और कप्तान जोसेफिन नकोमो ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 45 रन की साझेदारी हुई, जो जिम्बाब्वे की पारी की सबसे बड़ी साझेदारी रही।
तिरिपानो ने 32 गेंदों में 34 रन बनाए, जबकि नकोमो 27 रन बनाकर नाबाद रहीं। तिरिपानो को 20 और 22 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान भी मिला। उन्होंने भारतीय स्पिनर श्री चरणी के खिलाफ लगातार दो रिवर्स स्वीप चौके लगाए।
इस साझेदारी के दौरान जिम्बाब्वे ने कुछ तेजी से रन जुटाए और सातवें से 15वें ओवर के बीच 56 रन बनाए। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने बाद के ओवरों में फिर से दबाव बनाया और टीम को 102 रन तक सीमित कर दिया।
निकी प्रसाद ने लगातार दो गेंदों पर लिए विकेट
भारत की ओर से निकी प्रसाद ने प्रभावशाली गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट हासिल किए। उन्होंने चिपो तिरिपानो को विकेट के पीछे ऋचा घोष के हाथों कैच कराया और अगली गेंद पर न्याशा ग्वांजुरा को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया।
लगातार दो गेंदों पर विकेट लेकर निकी प्रसाद ने जिम्बाब्वे की पारी को झटका दिया। वह हैट्रिक से चूक गईं, लेकिन उनकी गेंदबाजी ने टीम को दबाव में ला दिया। उन्होंने अपने दो ओवर में केवल 7 रन देकर 2 विकेट लिए।
भारत की ओर से नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने भी एक-एक विकेट हासिल किया। गेंदबाजों के इस सामूहिक प्रदर्शन के बाद भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया।
सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त, भारत की नजर क्लीन स्वीप पर
जिम्बाब्वे के खिलाफ इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। पहले मुकाबले में भारत ने चार विकेट से जीत दर्ज की थी, जबकि दूसरे मैच में टीम ने 9 विकेट से एकतरफा जीत हासिल की।
अब भारतीय टीम की नजर तीसरे और अंतिम मुकाबले में भी जीत दर्ज कर सीरीज में क्लीन स्वीप करने पर होगी। शेफाली वर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी, मंधाना की कप्तानी पारी और गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन ने भारत को इस सीरीज में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।





