यूपी में बिजली संकट गहराया, भीषण गर्मी में 2597 मेगावॉट की इकाइयां बंद; लखनऊ में 24 घंटे तक गुल रही बिजली
उत्पादन इकाइयों में खराबी से बढ़ी परेशानी
मई में भीषण गर्मी के दौरान बिजली उत्पादन इकाइयों के बंद होने से पावर कॉरपोरेशन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। इसका असर आम लोगों पर भी पड़ा और उन्हें बिजली संकट का सामना करना पड़ा। मई के आखिरी दिनों में आंधी और बारिश से मौसम में राहत मिलने के बाद कुछ समय तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन अब गर्मी और उमस बढ़ने के साथ बिजली की मांग फिर बढ़ गई है। इसके बावजूद उत्पादन इकाइयों में तकनीकी खराबी का सिलसिला जारी है।
खुर्जा की इकाई नंबर एक और घाटमपुर की इकाई नंबर एक पांच जून को बंद हो गई थीं। घाटमपुर की इकाई छह जून को दोबारा चालू हो गई, लेकिन वहां की दूसरी इकाई 24 मई से टरबाइन में तकनीकी दिक्कत के कारण बंद है। इस इकाई की कुल क्षमता 660 मेगावॉट है, जिसमें से 561 मेगावॉट बिजली उत्तर प्रदेश को मिलती है।
वहीं, हरदुआगंज विस्तार परियोजना की दूसरी इकाई पांच जून से बंद है। इसकी क्षमता भी 660 मेगावॉट है। बॉयलर ट्यूब में रिसाव के कारण बंद हुई इस इकाई के आठ जून से दोबारा चालू होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा ओबरा की 200 मेगावॉट क्षमता वाली इकाई नंबर 10 भी चार जून से बंद है।
बिजली की अधिकतम मांग 31 हजार मेगावॉट के पार
प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग एक बार फिर 31 हजार मेगावॉट से ऊपर पहुंच गई है। शनिवार और रविवार की रात मांग बढ़कर 31,049 मेगावॉट दर्ज की गई। मांग और उपलब्धता के बीच अंतर को पूरा करने के लिए ऊर्जा एक्सचेंज से 3,229 मेगावॉट बिजली खरीदनी पड़ी।
आने वाले दिनों में बिजली की अधिकतम मांग और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में यदि उत्पादन इकाइयों में तकनीकी खराबी दूर नहीं हुई, तो उपभोक्ताओं को बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति की समस्या से जूझना पड़ सकता है।
उमस बढ़ते ही बिजली की खपत में होगा इजाफा
जानकारों के मुताबिक, कई बार भीषण गर्मी के मुकाबले उमस के दौरान बिजली की मांग अधिक बढ़ जाती है। चिपचिपी गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पंखे और अन्य बिजली उपकरणों का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। प्री-मानसून के दौरान उमस बढ़ने के साथ बिजली की खपत में और इजाफा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि उस समय प्रदेश की बिजली उत्पादन इकाइयां पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाईं, तो मांग पूरी करने के लिए ऊर्जा एक्सचेंज से बिजली खरीदनी पड़ेगी। महंगी बिजली खरीदने की जरूरत बढ़ने से बिजली व्यवस्था पर आर्थिक दबाव भी बढ़ सकता है।
लखनऊ के पीजीआई इलाके में 24 घंटे से ज्यादा बिजली गुल
राजधानी लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र में 24 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही। उमस भरी गर्मी में बिजली न मिलने से लोग परेशान रहे। सुबह घरों में पानी की आपूर्ति बाधित होने से भी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
वहीं, बिजली कटौती से नाराज नजीराबाद के व्यापारियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। शहर के अलग-अलग इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।





