‘धर्म कोई भी हो, हर नागरिक की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी’, दुर्गा पूजा से पहले बांग्लादेश के पीएम ने हिंदुओं को दिया भरोसा
ढाका: बांग्लादेश में दुर्गा पूजा से पहले प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने हिंदू समुदाय को सुरक्षा और समान अधिकारों का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, चाहे उसका धर्म कुछ भी हो। किसी भी व्यक्ति के साथ धार्मिक पहचान के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी को बराबर अधिकार मिलने चाहिए।
हिंदू प्रतिनिधियों से मुलाकात में दिया भरोसा
बांग्लादेश की समाचार एजेंसी बीएसएस के मुताबिक, प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने अपने कार्यालय में ढाका-17 निर्वाचन क्षेत्र के हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सभी नागरिकों की सुरक्षा और समानता सुनिश्चित करने की बात कही। ढाका-17 निर्वाचन क्षेत्र में गुलशन, डिप्लोमैटिक जोन, बनानी, बारीधारा और ढाका कैंटोनमेंट जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं। प्रधानमंत्री खुद इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए
प्रधानमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश के प्रत्येक नागरिक के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए। किसी के भी अधिकार उसकी धार्मिक पहचान के आधार पर तय नहीं होने चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है और सरकार हर व्यक्ति को सुरक्षित रखने के लिए पूरी कोशिश करेगी।
तारिक रहमान ने जोर दिया कि सुरक्षा किसी के धर्म को देखकर नहीं, बल्कि इंसान और देश का नागरिक होने के नाते मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व केवल आश्वासन देना नहीं, बल्कि ऐसा माहौल बनाना भी है, जहां हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे और उसे समान अधिकार प्राप्त हों।
मुक्ति संग्राम और जन आंदोलनों का किया उल्लेख
हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश के इतिहास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश के मुक्ति संग्राम में सभी धर्मों के लोगों ने मिलकर संघर्ष किया था। इसी तरह 1990 के बड़े जन आंदोलन और 2024 के आंदोलन में भी अलग-अलग धर्मों के लोगों ने एकजुट होकर हिस्सा लिया था।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश की आजादी और लोकतंत्र के लिए लोगों ने धार्मिक पहचान से ऊपर उठकर साथ संघर्ष किया, तो फिर दूसरे मामलों में धर्म के आधार पर भेदभाव क्यों होना चाहिए? प्रधानमंत्री के मुताबिक, सभी समुदायों ने मिलकर देश की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए योगदान दिया है। ऐसे में हर नागरिक को समान अधिकार और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
दुर्गा पूजा के लिए सरकारी सहायता बढ़ाकर 5 करोड़ टका
इससे पहले पिछले महीने बांग्लादेश सरकार ने दुर्गा पूजा के आयोजन के लिए सरकारी सहायता बढ़ाकर 5 करोड़ टका कर दी थी। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के लिए पांच दिन की छुट्टी का प्रावधान भी किया गया था।
इन फैसलों को बांग्लादेश के हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुंच बनाने और उनके धार्मिक आयोजन को समर्थन देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। दुर्गा पूजा से पहले प्रधानमंत्री तारिक रहमान की ओर से सुरक्षा और समान अधिकारों का भरोसा दिए जाने को भी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





