ऑस्ट्रेलियाई युद्धपोत में मिला हिडन कैमरा, महिला सैनिकों के निजी वीडियो ऑनलाइन लीक होने की आशंका से हड़कंप
HMAS Leeuwin युद्धपोत के केबिन में मिला रिकॉर्डिंग डिवाइस
यह मामला क्वींसलैंड के केर्न्स में तैनात रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी के युद्धपोत एचएमएएस लीउविन (HMAS Leeuwin) से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रविवार को जहाज के एक केबिन में रिकॉर्डिंग डिवाइस मिलने की बात सामने आई थी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी।
बुधवार को घटना की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। अब जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि डिवाइस किसने लगाया था, उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और क्या इसके जरिए किसी की निजता का उल्लंघन हुआ है।
सीनेटर जैकी लैम्बी ने संसद में उठाया महिला सैनिकों की निजता का मुद्दा
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब ऑस्ट्रेलिया की स्वतंत्र सीनेटर जैकी लैम्बी ने संसद में महिला नौसैनिकों की निजता को लेकर चिंता जताई। पूर्व सैन्यकर्मी लैम्बी के मुताबिक, कुछ सैन्यकर्मियों ने उनसे संपर्क कर महिला सैनिकों के इस्तेमाल वाले शॉवर क्षेत्र में हिडन कैमरे मिलने की आशंका के बारे में बताया था।
इन आरोपों के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या महिला नौसैनिकों की जानकारी और सहमति के बिना उनकी निजी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की गई। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि बरामद डिवाइस शॉवर क्षेत्र में मिला था या किसी अन्य जगह पर।
निजी वीडियो इंटरनेट पर साझा होने की आशंका, पुष्टि नहीं
सीनेटर लैम्बी ने यह आशंका भी जताई कि कथित रिकॉर्डिंग इंटरनेट पर अपलोड की गई हो सकती है। हालांकि, फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि कोई वीडियो वास्तव में रिकॉर्ड किया गया था या उसे ऑनलाइन साझा किया गया।
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा विभाग ने भी डिवाइस मिलने की सटीक जगह को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी है। ऐसे में रिकॉर्डिंग की प्रकृति, संभावित पीड़ितों की संख्या और ऑनलाइन सामग्री साझा किए जाने जैसे अहम सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेंगे।
जांच के लिए युद्धपोत बंदरगाह पर रोका गया
रक्षा विभाग ने मामले की जांच संयुक्त सैन्य पुलिस इकाई को सौंपे जाने की पुष्टि की है। जांच और चालक दल के सदस्यों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए युद्धपोत को फिलहाल बंदरगाह पर ही रखा गया है।
विभाग ने कहा है कि वह घटना को गंभीरता से ले रहा है और किसी भी तरह के अस्वीकार्य व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रभावित कर्मियों की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। जरूरत के अनुसार संबंधित लोगों को सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी जिम्मेदारी
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि रिकॉर्डिंग डिवाइस किसने लगाया, क्या उससे किसी की निजी गतिविधियां रिकॉर्ड की गईं और क्या कोई सामग्री इंटरनेट पर साझा हुई। रक्षा विभाग ने जांच जारी होने और संबंधित लोगों की निजता की रक्षा का हवाला देते हुए अतिरिक्त जानकारी देने से परहेज किया है।
फिलहाल, महिला नौसैनिकों के निजी वीडियो बनाए जाने या ऑनलाइन लीक होने की आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





