योगी सरकार का बड़ा एक्शन: गोकशी और गोतस्करी पर कसा शिकंजा, 14,182 केस दर्ज, 35,924 आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गोकशी, गोतस्करी और अवैध पशु वध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश भर में विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत अब तक गोकशी से जुड़े 14,182 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में कुल 35,924 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इन आरोपियों के खिलाफ सामान्य मुकदमों के साथ-साथ सख्त कानूनों के तहत भी कार्रवाई की गई है, ताकि इस तरह के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
13,793 आरोपियों पर गुंडा एक्ट, 178 पर रासुका
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए 35,924 आरोपियों में से 13,793 के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। वहीं 178 आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया गया है। इसके अलावा 14,305 मामलों में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कठोर कार्रवाई की गई है। सरकार का कहना है कि इन कड़े कदमों से गोकशी और गोतस्करी में शामिल संगठित गिरोहों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिली है।
जिलों में सक्रिय नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई
पुलिस और प्रशासन ने कई जिलों में सक्रिय नेटवर्क की पहचान कर उन्हें ध्वस्त किया है। गोकशी से जुड़े अपराधियों के खिलाफ केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी सख्ती दिखाई गई है। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कार्रवाई करते हुए अब तक लगभग 83 करोड़ 32 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। इसमें अवैध कमाई से खरीदी गई जमीन, वाहन और अन्य संपत्तियां भी कुर्क की गई हैं।
संगठित गिरोहों की आर्थिक ताकत तोड़ने पर फोकस
सरकार का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त कर संगठित गिरोहों की आर्थिक ताकत को कमजोर करना इस अभियान का प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए प्रदेश भर में पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें खुफिया तंत्र को सक्रिय रखते हुए जिलास्तरीय टास्क फोर्स के साथ मिलकर लगातार निगरानी कर रही हैं।
सीमावर्ती जिलों में सतर्कता, अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई
गोकशी और गोतस्करी को रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई गई है और पशु परिवहन से जुड़े मामलों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही कई जिलों में अवैध बूचड़खानों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की गई है। वर्ष 2020 में लागू उत्तर प्रदेश प्रिवेंशन ऑफ काउ स्लॉटर अध्यादेश 2020 के तहत गोकशी के मामलों में कड़े दंड का प्रावधान किया गया है।
गोहत्या पर 10 साल तक की सजा और भारी जुर्माना
कानून के तहत गोहत्या के मामलों में 10 वर्ष तक कठोर कारावास और 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं गोवंश के अंगभंग करने पर 7 वर्ष तक की सजा और 3 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार का दावा है कि सख्त कानून, विशेष अभियान और आर्थिक कार्रवाई जैसे कदमों के चलते प्रदेश में अवैध पशु वध और गोतस्करी से जुड़े मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है और संगठित गिरोहों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है।



