योगी कैबिनेट का फैसला, व्यावसायिक संपत्तियों पर भी मिलेगी स्टाम्प शुल्क छूट

UP CM Yogi Adityanath Campaigns For BJP Candidate From Karol Bagh Dushyant Kumar Gautam

NEW DELHI, INDIA - JANUARY 23: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath seen during a public meeting in support of BJP Candidate from Karol Bagh Dushyant Kumar Gautam for upcoming Vidhan Sabha Elections on January 23, 2025 in New Delhi, India. (Photo by Sanchit Khanna/Hindustan Times via Getty Images)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में परिवार के सदस्यों के बीच निष्पादित अचल संपत्ति के दान विलेख पर स्टाम्प शुल्क में दी जा रही छूट के दायरे को और व्यापक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के तहत अब पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी स्टाम्प शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी।

रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के अनुसार अचल संपत्ति के दान विलेख का पंजीकरण अनिवार्य

अब तक भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत उत्तर प्रदेश में दान विलेखों पर संपत्ति के मूल्य के अनुसार हस्तांतरण पत्र (कन्वेयंस डीड) की तरह स्टाम्प शुल्क देय होता था, जबकि रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के अनुसार अचल संपत्ति के दान विलेख का पंजीकरण अनिवार्य है।

अचल संपत्ति का दान परिवार के सदस्यों के पक्ष में किया जाता है, तो स्टाम्प शुल्क में छूट

स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 की 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना के माध्यम से यह व्यवस्था की गई थी कि यदि अचल संपत्ति का दान परिवार के सदस्यों के पक्ष में किया जाता है, तो स्टाम्प शुल्क में छूट देते हुए अधिकतम 5,000 रुपए ही लिए जाएंगे। हालांकि यह छूट अब तक केवल कृष्य और आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी।

अब यह छूट पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी लागू होगी

योगी कैबिनेट द्वारा पारित नए प्रस्ताव के तहत अब यह छूट पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी लागू होगी। इससे परिवारों के बीच संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली हो जाएगी। प्रदेश के स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2022 से पहले तक पारिवारिक संबंधों में संपत्ति दान करने पर पूरे सर्किल रेट के बराबर स्टाम्प शुल्क देना पड़ता था।

पारिवारिक रिश्तों में संपत्ति दान पर फिक्स्ड 5,000 रुपए का स्टाम्प शुल्क

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2022 में यह निर्णय लिया गया कि पारिवारिक रिश्तों में संपत्ति दान पर फिक्स्ड 5,000 रुपए का ही स्टाम्प शुल्क लिया जाएगा। पहले यह व्यवस्था केवल आवासीय और कृषि संपत्तियों पर लागू थी, लेकिन अब इसे व्यावसायिक संपत्तियों पर भी लागू कर दिया गया है। पहले शहरों में 7% और गांवों में 5% स्टाम्प शुल्क लगता था, जबकि अब गांव या शहर कहीं भी केवल 5,000 रुपए ही देने होंगे।

छूट संबंधित अधिसूचना के राजपत्र (गजट) में प्रकाशित होने की तिथि से तत्काल प्रभाव से लागू

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, पूर्व में जारी अधिसूचना में उल्लिखित संबंधियों की परिभाषा और अन्य प्रावधानों को भी स्पष्ट किया गया है, ताकि नियमों के क्रियान्वयन में किसी तरह का भ्रम न रहे। यह छूट संबंधित अधिसूचना के राजपत्र (गजट) में प्रकाशित होने की तिथि से तत्काल प्रभाव से लागू होगी। सरकार के इस फैसले को आम जनता के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पारिवारिक संपत्ति के वैधानिक हस्तांतरण को बढ़ावा मिलेगा और विवादों में कमी आएगी।

कैबिनेट बैठक में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग से जुड़े दो अन्य अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी 

कैबिनेट बैठक में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग से जुड़े दो अन्य अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत जनपद कुशीनगर की तहसील कप्तानगंज में उप निबंधक कार्यालय भवन के निर्माण के लिए ग्राम बसहिया उर्फ कप्तानगंज स्थित तहसील परिसर की भूमि में से 0.0920 हेक्टेयर (920 वर्गमीटर) भूमि को निःशुल्क स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के पक्ष में हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में उप निबंधक कार्यालय जीर्ण-शीर्ण भवन में संचालित है, जिसे ध्वस्त कर नया भवन बनाया जाएगा।

भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 और रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के तहत स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क से पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी

इसके अलावा झांसी में उप निबंधक कार्यालय सदर और अभिलेखागार के निर्माण के लिए पुरानी तहसील परिसर, मौजा झांसी खास स्थित आराजी संख्या 3035 में से 0.0638 हेक्टेयर (638 वर्गमीटर) भूमि को राजस्व विभाग से स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को आवंटित करने की स्वीकृति दी गई है। दोनों ही मामलों में भूमि राज्य सरकार के स्वामित्व की होने के कारण भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 और रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के तहत स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क से पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी।