आसमान में गूंजेगी स्वदेशी धमक, टाटा-एयरबस मिलकर बनाएंगे अत्याधुनिक H-125 हेलीकॉप्टर, 1000 करोड़ से ज्यादा निवेश
कोलार (कर्नाटक)। देश के एयरोस्पेस और रक्षा निर्माण क्षेत्र को बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि H-125 हेलीकॉप्टर कार्यक्रम में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होने की उम्मीद है, जिससे बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने इस परियोजना को उच्चस्तरीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मित्र देशों के साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी का शानदार उदाहरण बताया।
कोलार में फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन
रक्षा मंत्री कर्नाटक के कोलार में H-125 हेलीकॉप्टरों की फाइनल असेंबली लाइन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने अपनी फ्रांसीसी समकक्ष कैथरीन वैट्रीन के साथ मिलकर टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एयरबस हेलीकॉप्टर्स को इस संयुक्त परियोजना के लिए बधाई दी।
रोजगार और तकनीकी क्षमता को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
राजनाथ सिंह ने कहा कि H-125 कार्यक्रम में होने वाला निवेश देश की कुशल और मेहनती युवा पीढ़ी के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। उन्होंने बताया कि यह हेलीकॉप्टर अपनी विश्वसनीयता, बहुउपयोगी क्षमता और अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन के लिए दुनिया भर में पहचाना जाता है और एकल-इंजन श्रेणी में सबसे भरोसेमंद हेलीकॉप्टरों में शामिल है।
पहले भी साथ काम कर चुके हैं टाटा और एयरबस
रक्षा मंत्री ने याद दिलाया कि इससे पहले टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एयरबस ने गुजरात के वडोदरा में C-295 सैन्य परिवहन विमानों की परियोजना पर भी सफलतापूर्वक साझेदारी की थी।

रोटरी एविएशन का हब बनेगा भारत
इस अवसर पर नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि दक्षिण एशिया में रोटरी एविएशन का भविष्य अब भारत से डिजाइन, निर्माण, प्रमाणन, रखरखाव और निर्यात के रूप में आकार लेगा। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया और विकसित भारत 2047 के विजन के तहत भारत अब सिर्फ ऊंची उड़ान नहीं, बल्कि सभी क्षितिजों से आगे उड़ान भर रहा है।
2027 तक उड़ान भरेगा पहला हेलीकॉप्टर
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के सीईओ और एमडी सुकर्ण सिंह ने बताया कि कंपनी बिना किसी सरकारी या रक्षा ऑर्डर के ही हेलीकॉप्टरों का निर्माण शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सेनाओं को आपूर्ति के लिए कंपनी पूरी तरह तैयार रहेगी और इस संयंत्र से पहला H-125 हेलीकॉप्टर 2027 के मध्य तक उड़ान भरेगा।

