ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन, एक महीने में हटाए गए 50 लाख अकाउंट – कितना असर हुआ?
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है, जहां 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह नियम 10 दिसंबर से लागू हुआ और अब करीब एक महीना बीत चुका है। इस फैसले के लागू होने के बाद सोशल मीडिया कंपनियों और डिजिटल सुरक्षा पर इसका क्या असर पड़ा, इसे लेकर शुरुआती आंकड़े सामने आए हैं।
एक महीने में 50 लाख से ज्यादा अकाउंट हटाए गए
यूरो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनियों ने नाबालिगों के लगभग 50 लाख अकाउंट हटाए हैं। ऑस्ट्रेलिया के इंटरनेट रेगुलेटर ने बताया कि 16 साल से कम उम्र के लोगों के लगभग 4.7 मिलियन अकाउंट हटा दिए गए हैं। ई-सेफ्टी कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट ने गुरुवार को इस डाटा को जारी करते हुए कहा कि यह संकेत है कि बड़े प्लेटफॉर्म 16 साल से कम उम्र के लोगों के अकाउंट रखने को रोकने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं।
डिजिटल सुरक्षा के शुरुआती सकारात्मक संकेत
इनमैन ग्रांट ने कहा, “मैं इन शुरुआती नतीजों से बहुत खुश हूं। यह साफ है कि डिजिटल सुरक्षा की रेगुलेटरी गाइडेंस और प्लेटफॉर्म के साथ जुड़ाव पहले से ही अच्छे नतीजे दे रहा है।” यह आंकड़े कम्प्लायंस पर पहला सरकारी डाटा हैं और इससे पता चलता है कि टेक कंपनियां नियमों का पालन करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही हैं।
नॉर्डिक देशों का उदाहरण

ऑस्ट्रेलिया के इस फैसले का असर अन्य देशों के लिए भी मार्गदर्शक हो सकता है। डेनमार्क जैसे नॉर्डिक देशों ने पहले ही 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस ब्लॉक करने के नियम लागू करने की तैयारी कर ली है। इस समझौते को 2026 के मध्य तक कानून के रूप में लागू किया जा सकता है। नॉर्डिक देश उत्तरी यूरोप के पांच संप्रभु राष्ट्रों और उनके स्वायत्त क्षेत्रों का समूह है।
उल्लंघन पर भारी जुर्माना
नियमों का पालन न करने पर प्लेटफॉर्म पर 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इनमैन ग्रांट ने बताया कि कुछ 16 साल से कम उम्र के अकाउंट अभी भी सक्रिय हो सकते हैं, लेकिन उनका मानना है कि यह कदम समाज में डिजिटल सुरक्षा के नए मानक स्थापित करेगा। उन्होंने कहा, “कुछ बच्चे सोशल मीडिया पर बने रहने के लिए क्रिएटिव तरीके ढूंढ सकते हैं, लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि हमारी सुरक्षा नीतियों की सफलता नुकसान को कम करने और कल्चरल नियमों को फिर से सेट करने से मापी जाती है।”
ऑस्ट्रेलिया का यह कदम डिजिटल सुरक्षा और नाबालिगों के ऑनलाइन अनुभव को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

