RBI के नए नियम से FD में क्या बदलेगा? 1 अक्टूबर से लागू होंगे ये बदलाव, जानें ग्राहकों पर असर

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नई दिल्ली: अक्टूबर की शुरुआत के साथ बैंकिंग सेक्टर में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से जुड़े कुछ नियम बदलने जा रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगे। इन बदलावों का मुख्य फोकस 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की थोक जमा यानी Bulk Deposit पर है। इसके अलावा बैंकों को जमा पर मिलने वाली ब्याज दरों की जानकारी अधिक स्पष्ट तरीके से सार्वजनिक करनी होगी।

3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की FD पर नया नियम

1 अक्टूबर से लागू होने वाले बदलावों में Bulk Deposit को खास महत्व दिया गया है। 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की FD को थोक जमा की श्रेणी में रखा जाता है। RBI के नए प्रावधानों के तहत बैंक थोक जमा पर अलग-अलग ब्याज दरें तय कर सकेंगे। इसके लिए बैंकों को लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) के तहत जमा और असुरक्षित थोक जमा पर लागू अलग-अलग रन-ऑफ रेट को ध्यान में रखना होगा।

हर कार्य दिवस वेबसाइट पर अपडेट होगी ब्याज दर

नए नियमों के तहत बैंकों को अपनी वेबसाइट पर जमा राशि पर दी जा रही ब्याज दरों की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसमें थोक जमा की ब्याज दरें भी शामिल होंगी। थोक जमा पर लागू ब्याज दरों को हर कार्य दिवस सुबह 10 बजे अपडेट करना होगा। इसके लिए बैंक को 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया है और अपडेट अधिकतम सुबह 10:10 बजे तक करना जरूरी होगा।

एक ही दिन की समान FD पर बराबर ब्याज

RBI ने बैंकों को जमा स्वीकार करने के तरीके में एकरूपता रखने का भी निर्देश दिया है। किसी बैंक की अलग-अलग शाखाओं में एक ही तारीख को स्वीकार की गई समान राशि की FD पर ब्याज दर में भेदभाव नहीं किया जा सकेगा। यानी समान शर्तों और समान तारीख पर स्वीकार की गई जमा राशि के लिए बैंक को एक समान ब्याज दर लागू करनी होगी।

आम FD निवेशकों पर कितना असर पड़ेगा?

इन बदलावों का सबसे सीधा असर बड़ी रकम जमा करने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा, क्योंकि नए नियम मुख्य रूप से 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की थोक जमा से जुड़े हैं। सामान्य राशि की FD कराने वाले ग्राहकों पर इसका सीधा प्रभाव सीमित रहने की संभावना है। हालांकि, नए प्रावधानों से बैंकों की ब्याज दरों को लेकर पारदर्शिता और अलग-अलग शाखाओं में एकरूपता बढ़ सकती है।

सीनियर सिटीजन को FD पर ज्यादा ब्याज

सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर FD लंबे समय से ग्राहकों के बीच लोकप्रिय रही है। खासकर वरिष्ठ नागरिकों को कई बैंक सामान्य ग्राहकों की तुलना में अतिरिक्त ब्याज देते हैं। अलग-अलग बैंकों और योजनाओं के आधार पर FD पर ब्याज दरें अलग होती हैं और कुछ विशेष अवधि वाली योजनाओं में अतिरिक्त ब्याज या दूसरी सुविधाएं भी दी जाती हैं। इसलिए निवेश से पहले संबंधित बैंक की मौजूदा ब्याज दर और FD की शर्तें जांचना जरूरी है।

 

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