पीएम मोदी के नेतृत्व में प्रवासी भारतीय दिवस को मिली नई पहचान
अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जुड़े रहते हुए विदेशों में प्रगति के नए अध्याय लिख रहे प्रवासी भारतीयों पर गर्व के साथ शुक्रवार को ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते कुछ वर्षों में इस दिवस को एक नई पहचान मिली है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में बढ़ा कार्यक्रम का महत्व
‘प्रवासी भारतीय दिवस’ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विशेष महत्व मिला है। इस अवसर पर ‘मोदी आर्काइव’ ने प्रधानमंत्री के प्रयासों और प्रवासी भारतीयों के साथ उनके निरंतर संवाद की सराहना की है।
राष्ट्र निर्माण में प्रवासी भारतीयों की अहम भूमिका
‘एक्स’ पर किए गए पोस्ट में ‘मोदी आर्काइव’ ने लिखा, “अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की प्रगति में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर लगातार जोर दिया है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार माना है, जो ज्ञान, निवेश, इनोवेशन और वैश्विक अनुभव के जरिए योगदान दे सकते हैं।”
मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक प्रवासियों से सतत संवाद
पोस्ट में कहा गया कि गुजरात के मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों से सक्रिय रूप से संपर्क किया। उन्होंने भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास में उनकी भागीदारी को लगातार प्रोत्साहित किया।
प्रवासी भारतीय दिवस मंच
‘मोदी आर्काइव’ के अनुसार, प्रवासी भारतीय दिवस एक ऐसे संरचित मंच के रूप में विकसित हुआ है, जो राष्ट्रीय विकास के समर्थन में विचारों, विशेषज्ञता और अवसरों को एक साथ लाता है।
व्यावहारिक परिणामों पर केंद्रित रहा जुड़ाव

पोस्ट में आगे कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रवासियों के साथ जुड़ाव केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि व्यावहारिक परिणामों पर केंद्रित रहा है। उद्यमिता, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और सामाजिक पहलों के माध्यम से वैश्विक प्रतिभा को भारत की जरूरतों से जोड़ा गया है।
ओडिशा के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका
इस अवसर पर ‘मोदी आर्काइव’ ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का एक वीडियो भी साझा किया। वीडियो में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन ओडिशा में करने का अवसर मिला।
निवेश और सांस्कृतिक पहचान पर दिया गया जोर
मोहन चरण माझी ने कहा कि प्रधानमंत्री का स्पष्ट विजन रहा है कि प्रवासी भारतीय देश के साथ-साथ ओडिशा में भी निवेश करें। प्रवासी भारतीय सम्मेलनों में राज्य की संस्कृति, परंपराओं और खानपान को वैश्विक मंच तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
टूरिज्म, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को मिली पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा के टूरिज्म, कल्चर, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को दुनिया तक पहुंचाने को लेकर प्रधानमंत्री ने लोगों को जागरूक किया। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से ओडिशा आने की अपील भी की, जिसका राज्य को बड़ा लाभ मिला।
प्रवासी भारतीय दिवस का उद्देश्य
प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत विदेशों में रहने वाले भारतीयों के योगदान को पहचानने और देश के साथ उनके जुड़ाव को मजबूत करने के लिए की गई थी। यह एक ऐसा मंच है, जहां वैश्विक भारतीय समुदाय साझा संस्कृति, पहचान और जिम्मेदारी के साथ भारत की विकास प्राथमिकताओं से जुड़ता है।

