पीएम मोदी ने भारत रत्न चौधरी चरण सिंह को किया नमन, कहा- किसानों के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय

PM Modi Performs Bhoomi Poojan for New Urea Plant at Namrup

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री और ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कृषि क्षेत्र की प्रगति, किसानों की समृद्धि और समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए चौधरी चरण सिंह के योगदान को याद किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने “पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह को उनकी जयंती पर दी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के साथ-साथ कृषि की प्रगति और किसानों की समृद्धि के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को कृतज्ञ राष्ट्र कभी भुला नहीं सकता।”

चौधरी साहब ने छोटे किसानों के लिए जो किया है, उसे देश कभी नहीं भूल सकता

इस अवसर पर जारी एक वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा, “चौधरी साहब ने छोटे किसानों के लिए जो किया है, उसे देश कभी नहीं भूल सकता। चौधरी साहब से प्रेरणा लेकर हम देश के किसानों को निरंतर सशक्त कर रहे हैं। हम देश की खेती को एक नए रास्ते पर ले जाने के लिए किसानों को सहायता और प्रोत्साहन दे रहे हैं। प्राकृतिक खेती और मिलेट पर फोकस के पीछे भी यही भावना है।”

चौधरी चरण सिंह ने अपना जीवन किसानों की समृद्धि के लिए किया समर्पित 

पीएम मोदी ने आगे कहा, “चौधरी साहब ने अपना जीवन किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित किया। हमारी सरकार भी किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। उत्तर प्रदेश की धरती के बेटे चौधरी साहब का सम्मान करना देश के करोड़ों मजदूरों और किसानों का सम्मान है।”

चौधरी साहब किसानों के अधिकारों और ग्रामीण विकास के लिए जीवनभर संघर्षरत रहे

उल्लेखनीय है कि चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर 1902 को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के नूरपुर गांव में एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार में हुआ था। वे भारत के पांचवें प्रधानमंत्री रहे। चौधरी चरण सिंह किसानों के अधिकारों और ग्रामीण विकास के लिए जीवनभर संघर्षरत रहे।

उत्तर प्रदेश में भूमि सुधार का श्रेय चौधरी चरण सिंह जाता है

उत्तर प्रदेश में भूमि सुधार का श्रेय उन्हें दिया जाता है। ग्रामीण देनदारों को राहत प्रदान करने वाले विभागीय ऋणमुक्ति विधेयक-1939 को तैयार करने और उसे अंतिम रूप देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी पहल के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में मंत्रियों के वेतन और अन्य सुविधाओं में उल्लेखनीय कटौती की गई थी।

मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने जोत अधिनियम-1960 को लागू कराने में भी निभाई अहम भूमिका 

मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने जोत अधिनियम-1960 को लागू कराने में भी अहम भूमिका निभाई। यह अधिनियम भूमि जोत की अधिकतम सीमा को कम करने और पूरे राज्य में इसे एकरूप बनाने के उद्देश्य से लाया गया था।

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