Ola Electric के शेयर में भूचाल: ₹157 से टूटकर ₹25 पर आया भाव, निवेशकों के ₹57,000 करोड़ डूबे
नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी Ola Electric के शेयरों में जबरदस्त गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। एक समय 157 रुपये तक पहुंचा शेयर अब करीब 84% टूटकर 25 रुपये के आसपास आ गया है। 2024 में 76 रुपये के इश्यू प्राइस पर लिस्ट हुई कंपनी के शेयरों में आई इस भारी गिरावट से निवेशकों के लगभग 57,000 करोड़ रुपये स्वाहा हो चुके हैं।
शुक्रवार को हल्की तेजी, लेकिन दबाव बरकरार
शुक्रवार को BSE पर कंपनी का शेयर करीब 1% की बढ़त के साथ 25.39 रुपये पर कारोबार करता दिखा। इंट्राडे में यह 25.49 रुपये के हाई और 24.79 रुपये के लो तक गया। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप लगभग 11,199.10 करोड़ रुपये है। हालांकि यह उछाल बड़ी गिरावट के मुकाबले बेहद मामूली माना जा रहा है।
मार्केट शेयर में भारी गिरावट
एक साल पहले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में ओला इलेक्ट्रिक की बाजार हिस्सेदारी करीब 26% थी, जो अब घटकर सिर्फ 4.2% रह गई है। इस तेज गिरावट ने निवेशकों के भरोसे को बुरी तरह प्रभावित किया है और कंपनी की ग्रोथ स्टोरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रोडक्ट और सर्विस पर सवाल
कंपनी के इलेक्ट्रिक स्कूटरों को लेकर ग्राहकों की लगातार शिकायतें और सर्विस क्वालिटी पर उठे सवाल भी गिरावट की बड़ी वजह माने जा रहे हैं। खराब प्रोडक्ट अनुभव और सर्विस नेटवर्क की कमियों के चलते उपभोक्ताओं का भरोसा कमजोर हुआ है, जिसका असर बिक्री और ब्रांड इमेज दोनों पर पड़ा है।
स्टोर विस्तार की योजना में कटौती
ओला ने पहले देशभर में 4,000 फिजिकल स्टोर खोलने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन बाजार हिस्सेदारी में गिरावट और अन्य कारोबारी चुनौतियों के चलते अब कंपनी इस संख्या को घटाकर करीब 550 स्टोर तक सीमित करने जा रही है। इसे भी निवेशकों ने निगेटिव संकेत के रूप में लिया है।
ब्रोकरेज फर्मों ने घटाया टारगेट प्राइस
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Goldman Sachs ने ओला इलेक्ट्रिक का टारगेट प्राइस 52 रुपये से घटाकर सीधे 26 रुपये कर दिया है। वहीं, Citigroup ने भी हाल ही में कंपनी की ‘Buy’ रेटिंग को ‘Sell’ में बदलते हुए टारगेट प्राइस 55 रुपये से घटाकर 27 रुपये कर दिया। ब्रोकरेज फर्मों ने वॉल्यूम ग्रोथ में रुकावट और कमजोर प्रदर्शन को इसका प्रमुख कारण बताया है।
कुल मिलाकर, ओला इलेक्ट्रिक के शेयर में आई इस तेज गिरावट ने बाजार में कंपनी की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि कंपनी बाजार में अपनी पकड़ दोबारा मजबूत करने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।



