निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी : वेनेजुएला में सत्ता हस्तांतरण को लेकर अनिश्चितता में अमेरिका
CARACAS, VENEZUELA - FEBRUARY 07: President of Venezuela Nicolas Maduro gestures during a meeting with Minister of Foreign Affairs of the Russian Federation Serguéi Lavrov (not in frame) at Miraflores Government Palace on February 7, 2020 in Caracas, Venezuela. (Photo by Carolina Cabral/Getty Images)
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश की सबसे ताकतवर राजनीतिक पहचान तो सामने से हट गई है, लेकिन अब असली सवाल यह है कि आगे देश कौन चलाएगा और सत्ता का बदलाव किस तरह होगा। खुद अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस पर अभी काफी अनिश्चितता है।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ कहा कि अमेरिका मादुरो या उनके उत्तराधिकारियों को वैध नहीं मानता। फिर भी, जमीनी हालात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
एनबीसी के ‘मीट द प्रेस’ पर एक इंटरव्यू में रुबियो ने कहा, “हमें उन लोगों से निपटना होगा जिनके पास बंदूकें हैं।” उनका इशारा वेनेजुएला की सुरक्षा एजेंसियों और सरकारी ढांचे की ओर था, जो अभी भी सक्रिय हैं।
रुबियो ने एबीसी न्यूज और सीबीएस न्यूज़ के साथ इंटरव्यू में पुष्टि की कि उन्होंने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज से बात की थी, जिन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी के बाद नेतृत्व की भूमिका संभाली है। उन्होंने यह नहीं बताया कि बातचीत में क्या सहमति बनी। उनका कहना था कि असली महत्व इस बात का है कि आगे वे क्या कदम उठाते हैं।
रुबियो ने दोहराया कि किसी से बातचीत करने का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका उसे वैध नेता मान रहा है। कल रविवार को वैधता का मुद्दा चर्चा का केंद्र रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि डेल्सी रोड्रिग्ज पर पहले से ही अमेरिका और यूरोपीय संघ के प्रतिबंध हैं और वह मादुरो सरकार का अहम चेहरा रही हैं।
सीएनएन पर न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार डेविड सेंगर ने कहा कि मौजूदा अमेरिकी सरकार लोकतांत्रिक प्रतीकों से ज़्यादा व्यवहारिक रास्ता अपना रही है और फिलहाल उनसे काम ले रही है, जो तुरंत सहयोग कर सकें।

इस बीच, कुछ विशेषज्ञों ने विपक्षी नेताओं मारिया कोरीना मचाडो और एडमोंडो गोंजालेज का भी जिक्र किया, जिन्होंने 2024 के विवादित चुनाव में जीत का दावा किया था। फिलहाल वे सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया से बाहर हैं।
रुबियो ने विपक्ष के प्रति सम्मान जताया, लेकिन कहा कि इतने सालों के तानाशाही शासन के बाद तुरंत चुनाव कराना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने एबीसी न्यूज़ से कहा, “हर कोई कल चुनाव चाहता है। यह बेतुका है। इन चीज़ों में समय लगता है और एक प्रक्रिया होती है।”
सैन्य जानकारों ने चेतावनी दी कि वेनेज़ुएला वेनेजुएला के सशस्त्र बल शक्तिशाली और एकजुट बने हुए हैं। पूर्व अमेरिकी दक्षिणी कमान प्रमुख एडमिरल जेम्स स्टावरिडिस ने सीएनएन पर कहा कि अमेरिका के सामने मुश्किल विकल्प हैं या तो मौजूदा ढांचे के साथ काम किया जाए, या फिर अराजकता का खतरा उठाया जाए।
रुबियो ने बताया कि अमेरिका तेल से जुड़े प्रतिबंधों और समुद्री निगरानी के ज़रिए दबाव बनाए रखेगा और देखेगा कि अंतरिम नेतृत्व कैसे व्यवहार करता है।
फिलहाल निकोलस मादुरो अमेरिका की हिरासत में हैं और उन पर मुकदमा चल रहा है। लेकिन जैसा कि अधिकारियों और विशेषज्ञों ने माना, एक नेता की गिरफ्तारी से शासन से जुड़ा मूल सवाल हल नहीं हुआ है। आगे क्या होगा, यही सबसे बड़ी और कठिन चुनौती है।

