अखबार बेचने वाला लड़का अमन कुमार बना ‘इंटरनेशनल यूथ आइकॉन’, योगी सरकार की प्रेरणा से लाखों युवाओं के लिए डिजिटल राह बनाई

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लखनऊ। कभी गरीबी और कठिन परिस्थितियों के कारण अखबार बेचने और मजदूरी करने वाला बागपत के ट्यौढी गांव का अमन कुमार आज देश और दुनिया के लाखों युवाओं के लिए डिजिटल क्रांति का प्रतीक बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘युवा सशक्तिकरण’ विजन से प्रेरित होकर अमन ने शिक्षा, स्कॉलरशिप और करियर संबंधी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध कराने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया। उनकी वेबसाइट का लाभ अब तक 84 लाख से अधिक युवाओं ने उठाया है।

संघर्ष से सफलता का डिजिटल सफर
बचपन में अभावों और कठिनाइयों का सामना करने वाले अमन ने ठान लिया था कि किसी भी प्रतिभाशाली युवा का भविष्य जानकारी के अभाव में अधूरा नहीं रहना चाहिए। इसी सोच के तहत उन्होंने ‘कॉन्टेस्ट 360’ नामक वेबसाइट प्रोजेक्ट शुरू किया, जो आज युवाओं के लिए अवसरों का सबसे बड़ा डिजिटल मंच बन चुका है।

वर्ष 2022 में अमन ने प्रशासन के सहयोग से कांवड़ यात्रा ऐप बनाया, जिसने 3.5 लाख श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन, चिकित्सा और सुरक्षा सहायता प्रदान की। इसके अलावा उन्होंने ‘स्वीप बागपत’ ऐप के जरिए 1.25 लाख मतदाताओं को निर्वाचन आयोग से जोड़ा और ‘बागपत फॉर एनिमल्स’ के माध्यम से बेजुबान पशुओं की मदद भी की।

प्रशासन के साथ मिलकर बनाया ‘सूचना सेतु’
बागपत जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और सूचना विभाग के सहयोग से अमन ने ‘सूचना सेतु’ ऐप तैयार किया, जो सरकारी योजनाओं और अधिकारियों के बीच की दूरी को खत्म कर आम जनता को तत्काल समाधान देने वाला प्लेटफॉर्म बन गया। उनके इसी प्रयास के कारण उन्हें यूपी सरकार का स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड भी मिला।

वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश की पहचान
अमन की काबिलियत को आज यूनेस्को (UNESCO) और यूनिसेफ (UNICEF) जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थान मान्यता दे रहे हैं। उन्होंने ‘विकसित भारत डायलॉग 2026’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने राष्ट्रीय मंच पर ‘टीम यूपी’ के ग्रुप कैप्टन के रूप में युवाओं का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के साथ बाल अधिकारों के लिए भी काम किया।

भारत सरकार का यूथ मेंटर
भारत सरकार के ‘माई भारत’ संस्थान ने अमन कुमार को उत्तर प्रदेश का यूथ मेंटर नियुक्त किया है।

प्रेरणा का प्रतीक बन चुके अमन
अमन कुमार की कहानी यह साबित करती है कि अगर हौसला बुलंद हो और सरकार का सहयोग मिले, तो एक अखबार बेचने वाला लड़का भी लाखों युवाओं के लिए मार्गदर्शक और डिजिटल क्रांति का प्रतीक बन सकता है। वे आज उत्तर प्रदेश की बदलती युवा शक्ति के ‘ब्रांड एंबेसडर’ के रूप में पहचाने जाते हैं।