किसानों को राहत: कृषि इनपुट नमूनों के लिए डाक विभाग और कृषि मंत्रालय में एमओयू
डाक विभाग ने पूरे भारत में नमूना लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के उद्देश्य से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत देश भर की नामित प्रयोगशालाओं तक कीटनाशक, बीज और उर्वरक के नमूनों के परिवहन के लिए एक राष्ट्रव्यापी लॉजिस्टिक्स तंत्र स्थापित किया जाएगा।
दो केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में हुआ एमओयू पर हस्ताक्षर
यह समझौता ज्ञापन केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया।
डाक विभाग की व्यापक पहुंच और ग्रामीण नेटवर्क पर जोर
इस अवसर पर केंद्रीय संचार मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के “विकसित भारत” के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर डाक विभाग विश्व के सबसे व्यापक लॉजिस्टिक्स और वितरण नेटवर्कों में से एक बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि देश में 16 लाख से अधिक डाकघर हैं, जिनमें से लगभग 14 लाख ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं।
भारतीय डाक की परिचालन क्षमता और डिलीवरी नेटवर्क
उन्होंने बताया कि भारतीय डाक प्रतिदिन लाखों डिलीवरी करता है, जिसमें त्योहारों के चरम मौसम के दौरान लगभग छह लाख पार्सल डिलीवरी शामिल होती हैं, जो इसकी व्यापक पहुंच और परिचालन क्षमता को दर्शाता है।
कृषि इनपुट गुणवत्ता प्रबंधन के लिए डिजिटल पहल
यह सहयोग सेंटर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉर्मेंस (सीआरआईएसपी) द्वारा विकसित की जा रही पैन-इंडिया ऑनलाइन कीटनाशक, बीज एवं उर्वरक गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली का हिस्सा है। इस प्रणाली का उद्देश्य गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करना और पारदर्शिता बढ़ाना है।
नमूनों की सुरक्षित और समयबद्ध आवाजाही की व्यवस्था
समझौते के तहत डाक विभाग कीटनाशक, बीज और उर्वरक निरीक्षकों द्वारा एकत्र किए गए नमूनों की सुरक्षित, ट्रेस करने योग्य और समयबद्ध आवाजाही के लिए संपूर्ण लॉजिस्टिक्स सहायता प्रदान करेगा। इंडिया पोस्ट दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों सहित अंतिम छोर तक नमूनों की विश्वसनीय डिलीवरी सुनिश्चित करेगा।

डिजिटल ट्रैकिंग और विशेष हैंडलिंग की सुविधा
सेवाओं के दायरे में निर्दिष्ट बुकिंग और समेकन केंद्र, संवेदनशील नमूनों के लिए विशेष हैंडलिंग और पैकेजिंग प्रोटोकॉल, तथा गोपनीयता और संपूर्ण ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए क्यूआर कोड आधारित डिजिटल ट्रैकिंग शामिल है। चुनिंदा नमूनों के लिए आवश्यक तापमान स्थितियों की डिजिटल निगरानी भी की जाएगी।
नकली कृषि इनपुट से किसानों को होने वाले नुकसान पर चिंता
सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि नकली और घटिया कीटनाशक, बीज और उर्वरक किसानों को भारी आर्थिक नुकसान और परेशानी पहुंचाते हैं। यह समझौता किसानों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम
उन्होंने कहा कि नमूनों को प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में होने वाली देरी कम होने से प्रवर्तन तंत्र मजबूत होगा और बाजार में नकली व मिलावटी उत्पादों के प्रचलन पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
नमूना जांच की समयसीमा में बड़ा सुधार
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जिन नमूनों को पहले प्रयोगशालाओं तक पहुंचने में 10-15 दिन लगते थे, वे अब 48 से 72 घंटों के भीतर पहुंच सकेंगे, जिससे समय पर परीक्षण और त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई संभव होगी।
कृषि क्षेत्र में गुणवत्ता निगरानी मजबूत होने की उम्मीद
यह साझेदारी राष्ट्रीय कार्यक्रमों को समर्थन देने के लिए संस्थागत समन्वय को मजबूत करने और इंडिया पोस्ट की लॉजिस्टिक्स क्षमताओं के प्रभावी उपयोग पर सरकार के फोकस को दर्शाती है। इससे कृषि क्षेत्र में क्वालिटी एश्योरेंस बढ़ने और किसानों को नकली कृषि इनपुट से होने वाले नुकसान से बचाने की उम्मीद है।

