गिरावट के साथ बाजार की शुरुआत, BSE Sensex 500 अंक लुढ़का, टेक शेयर दबाव में
अमेरिकी बाजार से मिले कमजोर संकेतों के चलते हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 9.30 बजे) 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 557.14 अंकों यानी 0.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,737.52 पर था, तो वहीं एनएसई निफ्टी 154.20 (0.60 प्रतिशत) अंक गिरकर 25,558.80 पर था। इस दौरान निफ्टी के सभी इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड करते हुए नजर आए।
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत की गिरावट, तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, बीएसई मिडकैप 150 इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई और स्मॉलकैप 250 में 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार बात करें तो निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा 3.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो में 0.54 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 0.48 प्रतिशत तो निफ्टी बैंक में 0.12 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 25 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिसमें एचसीएल टेक, इटरनल, इंफोसिस, टीसीएस, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा के शेयर टॉप लूजर्स में शामिल रहे, जबकि एसबीआई, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, टाटा स्टील और कोटक बैंक के शेयरों में तेजी देखने को मिली।
बाजार के जानकारों के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी 50 ने 100 अंकों की बढ़त के साथ गैप-अप ओपनिंग की, जिससे बाजार में मजबूत तेजी का माहौल बना। तकनीकी स्तर की बात करें तो निफ्टी में 25,850-25,900 का दायरा प्रमुख रेजिस्टेंस है, जबकि 25,550-25,600 का स्तर सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है।
एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, दो सत्रों तक लगातार बिकवाली के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 23 फरवरी को वापसी करते हुए 3,843 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। इसके साथ ही वे इस महीने के लिए भी नेट खरीदार बन गए हैं। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,292 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को सतर्क और चयनात्मक रणनीति अपनानी चाहिए। बाजार में गिरावट के दौरान मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।
मौजूदा स्तरों पर आक्रामक खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है।निफ्टी में 26,000 के स्तर के ऊपर मजबूती और टिकाऊ ब्रेकआउट के बाद ही नई खरीदारी का मजबूत अवसर बन सकता है। तब तक जोखिम प्रबंधन के साथ स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति अपनाना समझदारी होगी।



