महर्षि दयानंद सरस्वती के सामाजिक सुधार के प्रयास देशवासियों के लिए प्रेरणापुंज बने रहेंगे : पीएम मोदी
आर्य समाज के संस्थापक महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती के अवसर पर आज बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कहा, “मां भारती की सेवा में आजीवन समर्पित रहे महर्षि दयानंद सरस्वती जी को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपरा की समृद्धि के लिए अतुलनीय योगदान दिया। सामाजिक सुधार के उनके प्रयास देशवासियों के लिए प्रेरणापुंज बने रहेंगे।”
12 फरवरी 1824 को जन्मे महर्षि दयानंद सरस्वती एक समाज सुधारक थे। उन्होंने उस समय व्याप्त सामाजिक असमानताओं का मुकाबला करने के लिए 1875 में आर्य समाज की स्थापना की। आर्य समाज ने सामाजिक सुधारों और शिक्षा पर जोर देकर देश की सांस्कृतिक और सामाजिक जागृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
दयानंद सरस्वती ऐसे युग पुरूष थे, जिन्होंने सामाजिक कुरीति उन्मूलन, स्त्री शिक्षा को प्रोत्साहन, सामाजिक समरसता के लिए काम कर समाज सुधार की नई क्रान्ति का सूत्रपात किया। उन्होंने देश में स्वराज्य तथा आजादी की भावना को सुदृढ़ किया।

दरअसल, 19वीं शताब्दी में जब हम अपनी संस्कृति और आस्था को पश्चिमी संस्कृति के सामने कमतर समझते थे, तब स्वामी दयानंद सरस्वती ने हमें आत्मसम्मान और पुनर्जागरण का मार्ग दिखाया। वे सामाजिक और आध्यात्मिक सुधार के निर्भीक योद्धा थे। उन्होंने शैक्षिक और सामाजिक सुधार, विशेषकर महिला सशक्तिकरण और अस्पृश्यता उन्मूलन के लिए प्रभावशाली उपाय किए। उनके कार्य आज भी भारतीय समाज और पूरे विश्व के लिए अत्यन्त प्रासंगिक है।

