Magh Mela 2026: मौनी अमावस्या पर आस्था का महास्नान, 3.50 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या आज यानी रविवार को ब्रह्म मुहूर्त में तड़के चार बजे से शुरू हो गया। आध्यात्मिक आस्था के इस महापर्व को लेकर बीती रात से ही संगम और अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने लगा था। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु पुण्य लाभ की कामना के साथ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। मेला प्रशासन का अनुमान है कि मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर करीब 3.50 करोड़ श्रद्धालु पवित्र स्नान करेंगे।

स्नान घाटों पर व्यापक तैयारियां, प्रशासन अलर्ट मोड में
मौनी अमावस्या को लेकर मेला प्रशासन ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबा स्नान घाट तैयार किया गया है, ताकि स्नान सुचारू रूप से संपन्न हो सके। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल के अनुसार स्नान पर्व की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। घाटों पर जल पुलिस के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड कंपनी पीएसी और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कोई कोताही नहीं बरती है। पुलिस आयुक्त जोगिंदर कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, आरएएफ, बीडीएस, यूपी एटीएस कमांडो और खुफिया एजेंसियां तैनात की गई हैं। पूरे मेला क्षेत्र पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल मिल सके।

अब तक एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु लगा चुके हैं डुबकी
गौरतलब है कि माघ मेले की शुरुआत से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मकर संक्रांति के स्नान पर्व पर ही एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई थी। एकादशी और मकर संक्रांति को मिलाकर यह संख्या करीब एक करोड़ 85 लाख तक पहुंच गई थी। वहीं पौष पूर्णिमा पर संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगभग 35 लाख दर्ज की गई थी। इन्हीं आंकड़ों को देखते हुए प्रशासन ने मौनी अमावस्या के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तय किए गए विशेष रूट
मौनी अमावस्या के स्नान को लेकर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए विशेष रूट प्लान लागू किया है। संगम क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को सिविल लाइंस की ओर से प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि स्नान के बाद उन्हें अपने गंतव्य की ओर पुराने शहर के रास्ते भेजा जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को आने-जाने में किसी प्रकार की अव्यवस्था या असुविधा का सामना न करना पड़े।

आस्था, श्रद्धा और परंपरा के इस महास्नान पर्व पर पूरा प्रयागराज भक्ति और अनुशासन के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है, जहां हर कदम पर प्रशासन और स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं।