LPG Gas Saving Tips: गैस सिलेंडर जल्दी खत्म होने से परेशान? इन आसान तरीकों से 25% तक घटेगी खपत
नई दिल्ली: रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमत और खपत को लेकर आम उपभोक्ता लगातार चिंता में रहते हैं। इसी बीच देश के कुछ हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी वजह से कुछ स्थानों पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी में देरी की खबरें सामने आई हैं। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
इस बीच तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कुछ आसान उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर रसोई गैस की खपत में करीब 25 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। इन तरीकों से एक गैस सिलेंडर सामान्य से 10 से 15 दिन अधिक चल सकता है, जिससे घर के बजट पर भी राहत मिलती है।
धीमी आंच पर पकाएं खाना
तेल कंपनियों के अनुसार खाना पकाते समय कुछ छोटी आदतों में बदलाव करने से गैस की खपत कम की जा सकती है। किसी भी व्यंजन में उबाल आने के बाद तुरंत गैस की आंच धीमी कर देनी चाहिए। अक्सर लोग तेज आंच पर खाना जल्दी पकाने की कोशिश करते हैं, लेकिन इससे गैस ज्यादा खर्च होती है। धीमी आंच पर बर्तन के अंदर गर्मी बनी रहती है और भोजन भी अच्छी तरह पक जाता है।
एलपीजी कीमतों में उतार-चढ़ाव से बढ़ी चिंता
पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को सब्सिडी का लाभ मिलता है, जबकि मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं को सिलेंडर पूरी कीमत पर खरीदना पड़ता है। मिडिल ईस्ट क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए देश में भी कमी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच सरकार ने नया सिलेंडर बुक करने की अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है, ताकि कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके।
प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करें
घरेलू उपयोग में एलपीजी की खपत सबसे ज्यादा होती है, जो कुल खपत का करीब 86 प्रतिशत मानी जाती है। ऐसे में गैस बचाने के लिए प्रेशर कुकर का इस्तेमाल काफी कारगर साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक प्रेशर कुकर में खाना बनाने से 30 से 50 प्रतिशत तक गैस की बचत संभव है, क्योंकि इसमें भोजन कम समय में तैयार हो जाता है। इसके अलावा दाल, चावल या अन्य अनाज को पकाने से पहले 20 से 30 मिनट या रातभर भिगोकर रखने से भी उनका पकने का समय कम हो जाता है।
बर्तन को ढक्कन से ढककर पकाएं
खाना बनाते समय बर्तन को ढक्कन से ढककर रखने से भी गैस की खपत कम होती है। ऐसा करने से बर्तन के अंदर गर्मी बनी रहती है और भोजन जल्दी पकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरीके से लगभग 30 प्रतिशत तक गैस बचाई जा सकती है। साथ ही चूल्हे के बर्नर को साफ रखना भी जरूरी है, क्योंकि साफ बर्नर पर नीली लौ बनती है और गैस कम खर्च होती है। इसके अलावा बर्तन का आकार भी फ्लेम के अनुसार होना चाहिए, ताकि आग बर्तन के किनारों से बाहर न निकले।
इंडक्शन या माइक्रोवेव का भी लें सहारा
विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि संभव हो तो एक बार में दो या तीन व्यंजन तैयार कर लिए जाएं, ताकि बार-बार चूल्हा जलाने की जरूरत न पड़े। हल्के कामों के लिए इंडक्शन या माइक्रोवेव का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इन छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर कुल मिलाकर 25 से 30 प्रतिशत तक एलपीजी की बचत संभव है। इससे हर महीने करीब 200 से 300 रुपये तक की बचत भी की जा सकती है।



