ईरान का भूगोल ही उसकी ताकत, ‘प्राकृतिक किला’ गिराना मुश्किल

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नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान का Terrain एक बार फिर चर्चा में है. ईरान को अक्सर एक प्राकृतिक किला कहा जाता है. यहां का कठिन Terrain किसी भी बाहरी सैन्य ताकत के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है. अमेरिका ईरान पर जमीनी युद्ध की धमकी दे रहा है लेकिन इसका भूगोल किसी भी विदेशी सेना का गणित बिगाड़ सकता है. ईरान की भौगोलिक बनावट उसे रक्षात्मक रूप से बेहद मजबूत बनाती है.

देश के पश्चिम में फैली और उत्तर में स्थित ऊंची और दुर्गम पहाड़ियां, जिनकी संकरी घाटियां किसी भी आक्रमणकारी सेना की स्पीड को धीमा कर देती हैं. इसके अलावा देश के मध्य में फैले विशाल रेगिस्तान लॉजिस्टिक्स के लिहाज से बेहद कठिन माने जाते हैं. यहां बेहद गर्मी, निर्जन क्षेत्र और खराब सतह के कारण भारी सैन्य उपकरणों की आवाजाही लगभग असंभव हो जाती है. करीब 16 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला ईरान न सिर्फ आकार में बड़ा है, बल्कि इसके सैन्य ठिकाने भी पहाड़ी और आबादी वाले क्षेत्रों में बिखरे हुए हैं. यही कारण है कि किसी भी जमीनी हमले को लंबा, महंगा और जोखिम भरा माना जाता है.

इतिहास गवाह है कि ईरान-इराक युद्ध के दौरान भी दुश्मन सेनाएं इस कठिन भूगोल में उलझ गई थीं. दरअसल ईरान की सैन्य रणनीति Attrition यानी थकाकर हराने पर आधारित है, जिसमें पहाड़ों और कठिन इलाकों का इस्तेमाल कर गुरिल्ला युद्ध किया जाता है. ऐसे में अमेरिका जैसे देश के लिए हवाई हमले तो संभव हैं, लेकिन पूरे देश पर नियंत्रण स्थापित करना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है.

ईरान के दक्षिण-पश्चिम में खार्ग द्वीप इस समय रणनीतिक दृष्टि से सबसे संवेदनशील बिंदु बना हुआ है। फारस की खाड़ी में स्थित यह छोटा सा द्वीप ईरान के तेल निर्यात का मुख्य केंद्र है, जहां से देश का लगभग 90-95% तेल बाहर जाता है। यह द्वीप बुशहर तट से महज 55 किलोमीटर दूर है, जिससे यह सीधे ईरानी मुख्य भूमि की सैन्य पहुंच में रहता है।

ईरान के इस इतिहास को समझने के बाद एक बात तो तय है कि अमेरिका के लिए खार्ग द्वीप पर हमला करना संभव है, चाहे वह हवाई हमले हों या समुद्री (amphibious) ऑपरेशन. लेकिन असली चुनौती इसे कब्जे में बनाए रखना होगी.

ईरान ने यहां माइन्स, एयर डिफेंस और MANPADS तैनात किए हैं.
मुख्य भूमि की नजदीकी के कारण मिसाइल, ड्रोन और तोपों से लगातार हमले का खतरा बना रहेगा.
सप्लाई लाइन बनाए रखना और सैनिकों को सुरक्षित निकालना बेहद कठिन होगा.
ईरान तेल सुविधाओं को खुद नुकसान पहुंचाकर भी दुश्मन के लिए हालात और मुश्किल बना सकता है.
खार्ग द्वीप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दूर जरूर है, लेकिन खाड़ी के अंदर इसकी स्थिति इसे और संवेदनशील बनाती है. यहां किसी भी सैन्य कार्रवाई का सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है. ईरान का कठिन भूगोल और रणनीतिक तैयारी उसे एक मजबूत रक्षात्मक शक्ति बनाते हैं. अमेरिका के लिए सीमित हवाई या समुद्री हमले संभव हो सकते हैं, लेकिन पूरी सैन्य जीत या लंबे समय तक कब्जा बनाए रखना, खासकर खार्ग द्वीप जैसे संवेदनशील इलाके में बेहद महंगा और जोखिम भरा साबित हो सकता है.