तुर्किये नहीं, ओमान में अमेरिका से वार्ता चाहता है ईरान; परमाणु मुद्दों तक सीमित रखने की शर्त

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दुबई। अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को प्रस्तावित वार्ता को लेकर अनिश्चितता बढ़ती नजर आ रही है। ईरान ने तुर्किये में होने वाली बातचीत पर आपत्ति जताते हुए वार्ता स्थल बदलने की मांग की है। तेहरान चाहता है कि अमेरिका के साथ बातचीत तुर्किये की बजाय ओमान में हो और एजेंडा केवल परमाणु मुद्दों तक सीमित रखा जाए।

तेहरान के रुख से कूटनीतिक कोशिशों को झटका
ईरान के इस रुख ने कूटनीतिक प्रयासों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। बीते महीने देशभर में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर ईरानी सरकार की सख्त और हिंसक कार्रवाई के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। ऐसे हालात में क्षेत्रीय संघर्ष के बढ़ने की आशंकाएं भी गहराती जा रही हैं।

क्षेत्रीय सूत्र का दावा, केवल परमाणु मुद्दों पर जोर
मामले से जुड़े एक क्षेत्रीय सूत्र ने मंगलवार को बताया कि ईरान ने साफ तौर पर तुर्किये के बजाय ओमान में अमेरिका के साथ वार्ता करने की मांग रखी है। साथ ही तेहरान केवल परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर ही बातचीत करना चाहता है और अन्य विषयों को एजेंडे से बाहर रखने के पक्ष में है।

अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ी, ड्रोन गिराने का दावा
ईरान की यह मांग ऐसे समय सामने आई है, जब पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां तेज हो रही हैं। अमेरिकी सेना ने मंगलवार को बताया कि अरब सागर में तैनात विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन की ओर बढ़ रहे एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया गया है।

F-35 से गिराया गया शाहीद-139 ड्रोन
अमेरिकी बयान के मुताबिक, ईरान के शाहीद-139 ड्रोन को एफ-35 लड़ाकू विमान ने निशाना बनाया। वहीं ईरान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उसका सर्विलांस मिशन सफल रहा और ड्रोन ने अपना उद्देश्य पूरा किया।

ट्रंप की चेतावनी, ‘समझौता नहीं हुआ तो बुरी चीजें होंगी’
इससे पहले सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी थी कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होता है तो अमेरिकी युद्धपोत ईरान की ओर बढ़ रहे हैं और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा था कि ईरान के साथ बातचीत जारी है।

ईरान का जवाब, निष्पक्ष और तर्कसंगत बातचीत की बात
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा था कि उनका देश निष्पक्ष और तर्कसंगत बातचीत चाहता है। उन्होंने इस संबंध में विदेश मंत्री अब्बास अराघची को वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।

इस्तांबुल वार्ता में कई देशों की भागीदारी तय
तुर्किये के इस्तांबुल में शुक्रवार को प्रस्तावित वार्ता में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकाफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के शामिल होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा सऊदी अरब और मिस्र जैसे देशों के प्रतिनिधियों के भी इस बैठक में भाग लेने की बात कही जा रही है।