भारत का डेटा सेंटर बाजार 2030 तक दोगुना होकर 22 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान

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भारत का डेटा सेंटर बाजार 2030 तक दोगुने से भी अधिक बढ़कर 22 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। वर्तमान में यह बाजार 2025 में करीब 10 अरब डॉलर के स्तर पर है। यह अनुमान सोमवार को जारी वेस्टियन की नई रिपोर्ट में दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ते निवेशकों के भरोसे और मजबूत वृद्धि दर के कारण भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख डेटा सेंटर हब के रूप में तेजी से उभर रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 30 अरब डॉलर के निवेश के साथ देश की डेटा सेंटर क्षमता 2026 के अंत तक 1.7 से 2.0 गीगावॉट तक पहुंचने का अनुमान है। यह क्षमता 2030 तक बढ़कर 4 से 5 गीगावॉट हो जाने की उम्मीद है। 

देश की तेज डिजिटल अर्थव्यवस्था, इंटरनेट यूजर्स की बढ़ती संख्या और हाइपरस्केलर कंपनियों के भारी निवेश के कारण भारत डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए एक आकर्षक केंद्र बनता जा रहा है।

वेस्टियन के सीईओ श्रीनिवास राव (एफआरआईसीएस) ने कहा, “मजबूत नीतिगत समर्थन और डिजिटल मांग में वृद्धि के चलते भारत का डेटा सेंटर क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। वैश्विक क्षमता में अभी हमारी हिस्सेदारी कम है, लेकिन एआई अवसंरचना में अग्रणी बनने की भारत में अपार संभावनाएं हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, 20 साल की कर छूट, जीएसटी लाभ और 2047 तक जारी रहने वाले प्रोत्साहनों के कारण भारत वैश्विक डेटा सेंटर और एआई हब के रूप में उभरने के लिए पूरी तरह तैयार है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 से 2024 के बीच इस क्षेत्र में करीब 13-15 अरब डॉलर का निवेश आया, जिसमें विदेशी संस्थागत निवेशकों का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा था।

भारत निर्माण लागत के मामले में भी काफी प्रतिस्पर्धी है। यहां डेटा सेंटर बनाने की लागत 6-7 मिलियन डॉलर प्रति मेगावाट है, जो सिंगापुर और जापान जैसे विकसित एशियाई देशों की तुलना में बहुत कम है। इससे बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने में मदद मिल रही है।

वर्तमान में भारत का डेटा सेंटर बुनियादी ढांचा मुख्य रूप से कुछ प्रमुख महानगरों तक ही सीमित है। मुंबई देश का सबसे बड़ा डेटा सेंटर हब बना हुआ है, जबकि चेन्नई मजबूत सबमरीन केबल लैंडिंग के कारण प्रमुख वैश्विक डेटा गेटवे के रूप में उभरा है। 

इसके अलावा हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे मजबूत आईटी इकोसिस्टम, भूमि उपलब्धता और कम परिचालन लागत के कारण महत्वपूर्ण द्वितीयक हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। 

अहमदाबाद, कोच्चि, जयपुर और विशाखापत्तनम जैसे शहर भी बेहतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, अनुकूल राज्य नीतियों और बढ़ती मांग के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।