भारत को मिला बड़ा व्यापार अवसर, अमेरिकी बाजार में बढ़ेगी पहुंच
भारत ने वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत और अमेरिका के बीच हुए नए द्विपक्षीय व्यापार समझौते के बाद भारत को अमेरिका के लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल बाजार में विशेष और आसान पहुंच मिली है। यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था, निर्यात और रोजगार के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस समझौते से पहले कई भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में बहुत ज्यादा टैक्स लगता था। कुछ उत्पादों पर यह टैक्स 50 प्रतिशत तक था। लेकिन अब इस समझौते के बाद कई सेक्टर में टैक्स को घटाकर लगभग 18 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं कुछ उत्पाद ऐसे भी हैं जिन पर अमेरिका ने पूरी तरह टैक्स खत्म कर दिया है। इसका मतलब है कि अब भारतीय सामान अमेरिका में पहले से सस्ता होगा और उसकी मांग बढ़ सकती है।
भारत का अमेरिका को निर्यात पहले से ही मजबूत रहा है। वर्ष 2024 में भारत का अमेरिका को कुल निर्यात लगभग 86.35 बिलियन डॉलर रहा। अब इस नए समझौते के बाद भारतीय कंपनियों को अमेरिका में और ज्यादा व्यापार करने का मौका मिलेगा। इससे भारत के कई बड़े और छोटे उद्योगों को फायदा होगा।
इस समझौते से खासतौर पर टेक्सटाइल और कपड़ा सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। पहले टेक्सटाइल उत्पादों पर अमेरिका में 50 प्रतिशत तक टैक्स लगता था, जिसे अब घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं सिल्क जैसे उत्पादों पर अब 0 प्रतिशत टैक्स रहेगा। इससे भारतीय कपड़ा उद्योग को अमेरिका के बड़े बाजार में तेजी से आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
लेदर और फुटवियर सेक्टर को भी इस समझौते से फायदा मिलेगा। टैक्स कम होने से भारत अमेरिका के लिए एक मजबूत सप्लायर बन सकता है। यह सेक्टर मजदूर आधारित सेक्टर माना जाता है, इसलिए इससे रोजगार बढ़ने की संभावना है। छोटे उद्योग और एमएसएमई को इससे ज्यादा ऑर्डर मिल सकते हैं।
जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर को भी बड़ी राहत मिली है। कई कीमती धातुओं और डायमंड जैसे उत्पादों पर टैक्स कम या खत्म किया गया है। इससे भारत के इस सेक्टर का निर्यात बढ़ सकता है और भारत की वैश्विक बाजार में स्थिति मजबूत होगी।

मशीनरी और औद्योगिक उत्पादों के क्षेत्र में भी भारत को बड़ा मौका मिलेगा। मशीनरी उत्पादों पर टैक्स घटने से भारतीय कंपनियां अमेरिका के बड़े औद्योगिक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकती हैं। इससे भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूती मिलेगी।
इस समझौते में कृषि सेक्टर का भी ध्यान रखा गया है। अमेरिका ने भारत के करीब 1.36 बिलियन डॉलर के कृषि उत्पादों पर अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाने का फैसला किया है। इससे मसाले, चाय, कॉफी, फल, नट्स और प्रोसेस्ड फूड जैसे उत्पादों को फायदा मिलेगा।
साथ ही भारत ने अपने संवेदनशील सेक्टर जैसे डेयरी, मांस, पोल्ट्री और कुछ अनाज को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। इसका मतलब है कि इन सेक्टर में विदेशी प्रतिस्पर्धा से भारतीय किसानों को नुकसान नहीं होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत के लिए लंबे समय में बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे भारत का निर्यात बढ़ेगा, उद्योग मजबूत होंगे और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कुल मिलाकर यह समझौता भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा और भारत को वैश्विक व्यापार में एक मजबूत देश के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

