मेट्रो के पास घर है तो होम लोन EMI की टेंशन खत्म, यह रिपोर्ट बताती है कारण

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नई दिल्ली। अगर आपका घर मेट्रो स्टेशन के पास है, तो आपकी होम लोन EMI पर इसका सकारात्मक असर पड़ सकता है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की नई रिसर्च में यह खुलासा हुआ है कि मेट्रो कनेक्टिविटी सिर्फ सफर आसान करने और ट्रैफिक कम करने में मदद नहीं करती, बल्कि यह घरों की वित्तीय स्थिति को भी मजबूत बनाती है।

मेट्रो से घटते हैं ट्रांसपोर्ट खर्च, EMI भरना आसान

रिपोर्ट में कहा गया है कि मेट्रो नेटवर्क के पास रहने से लोग निजी वाहन पर कम निर्भर होते हैं। इसका सीधा असर यह होता है कि ईंधन, मेंटेनेंस, पार्किंग और वाहन लोन जैसे खर्च घट जाते हैं। इस तरह मासिक आय पर दबाव कम होता है और लोग अपनी होम लोन EMI समय पर और आसानी से चुका पाते हैं।

कौन से शहरों में मेट्रो का असर देखा गया

EAC-PM की रिसर्च में दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों का अध्ययन किया गया। इन शहरों में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से पहले और बाद में होम लोन चुकाने के व्यवहार की तुलना की गई। वर्किंग पेपर सौम्य कांति घोष, पुलक घोष और एसबीआई की अर्थशास्त्री फाल्गुनी सिन्हा ने तैयार किया है। इसमें बताया गया कि पिछले एक दशक में मेट्रो जैसी शहरी सुविधाओं में किए गए निवेश से घरों की वित्तीय स्थिति बेहतर हुई और कर्ज चुकाने की आदत में सुधार आया।

EMI भुगतान में हुआ स्पष्ट सुधार

हैदराबाद में मेट्रो से जुड़े इलाकों में होम लोन डिफॉल्ट लगभग 1.7% कम हुआ, जबकि EMI से ज्यादा भुगतान करने वालों की संख्या 1.8% बढ़ी। बेंगलुरु में डिफॉल्ट 2.4% घटा और प्रीपेमेंट 3.5% बढ़ा। दिल्ली में यह असर और भी अधिक दिखा, जहां डिफॉल्ट 4.42% तक कम हुआ।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट चुनने से अन्य खर्चों में भी कमी

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मेट्रो आने के बाद दोपहिया और कार की नई खरीद में कमी आई। इसका मतलब है कि लोग निजी वाहनों की बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता दे रहे हैं। वाहन न खरीदने से न केवल वाहन लोन की जरूरत घटती है, बल्कि हर महीने का खर्च भी कम होता है। यही वजह है कि मेट्रो के पास रहने वाले लोग अपनी होम लोन EMI आसानी से चुका पा रहे हैं और वित्तीय तनाव कम हो रहा है।