डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी: होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों पर शुल्क वसूली बर्दाश्त नहीं होगी

President Trump Visits Thermo Fisher Scientific In Ohio

READING, OHIO - MARCH 11: U.S. President Donald Trump attends a tour of a Thermo Fisher Scientific facility on March 11, 2026 in Reading, Ohio. President Trump is highlighting his administration's push to lower drug prices at the biotechnology and pharmaceutical company. (Photo by Andrew Harnik/Getty Images)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल शिपमेंट को सीमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे संघर्ष-विराम समझौते का उल्लंघन हो रहा है। साथ ही, ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों से किसी भी प्रकार का शुल्क वसूलना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ईरान होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति देने में बहुत खराब काम कर रहा है। कुछ लोग इसे बेईमानी भी कह सकते हैं। हमारा समझौता बिल्कुल ऐसा नहीं था।”

उनकी यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के बीच आई है, जिनमें कहा गया है कि संघर्षविराम शुरू होने के बाद से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सिर्फ कुछ ही जहाज गुजर पाए, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्टों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिनमें कहा गया है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों से शुल्क वसूल सकता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले टैंकरों से शुल्क वसूल रहा है। उसे ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर वे ऐसा कर रहे हैं, तो इसे तुरंत बंद करना होगा।”

राष्ट्रपति ट्रंप की इन टिप्पणियों से संघर्ष-विराम के बावजूद क्षेत्र में तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका इस मामले में कोई सीधा कदम उठाएगा या नहीं। 

गौरतलब है कि इससे पहले खुद राष्ट्रपति ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी टोल लगाने का विचार भी व्यक्त कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि ईरान द्वारा कथित शुल्क वसूली की जानकारी उन्हें हाल ही में मिली है।

दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि कुछ शर्तों के तहत सुरक्षित मार्ग संभव है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि जहाजों का आवागमन तभी होगा जब ईरान की सेना के साथ समन्वय किया जाए और तकनीकी सीमाओं का ध्यान रखा जाए। विश्लेषकों का मानना है कि यह रुख पहले जैसा ही है।

गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट एक संकरा समुद्री रास्ता है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है, जिससे भारत समेत ऊर्जा आयात करने वाले देशों के लिए कोई भी रुकावट एक बड़ी चिंता बन जाती है।

भारत, जो कच्चे तेल के आयात पर बहुत ज्यादा निर्भर है, पारंपरिक रूप से खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता को अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी मानता रहा है। होर्मुज ट्रैफिक में कोई भी लंबे समय तक रुकावट तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर असर डाल सकती है, जिसका असर महंगाई और आर्थिक विकास पर भी पड़ सकता है। 

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