DGCA का बड़ा एक्शन: उड़ान अव्यवस्था पर IndiGo पर ₹22.20 करोड़ का भारी जुर्माना, शीर्ष अधिकारियों को चेतावनी
नई दिल्ली। दिसंबर 2025 में बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने और देरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विमानन नियामक डीजीसीए ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पर कड़ी कार्रवाई की है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार को जानकारी दी कि नियमों के उल्लंघन और यात्रियों को भारी असुविधा के लिए IndiGo पर कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
3 दिनों में 2,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द, 3 लाख यात्री प्रभावित
नियामक के मुताबिक 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो ने 2,507 उड़ानें रद्द कीं, जबकि 1,852 फ्लाइट्स तय समय से देरी से चलीं। इसका सीधा असर देशभर के हवाई अड्डों पर देखने को मिला, जहां तीन लाख से अधिक यात्री फंस गए। इस स्थिति ने एयरलाइन की संचालन क्षमता और पूर्व तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए।
ड्यूटी टाइम नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
डीजीसीए ने बताया कि कुल जुर्माने में 1.80 करोड़ रुपये का दंड नागरिक उड्डयन नियमों के विभिन्न उल्लंघनों के लिए लगाया गया है। इसके अलावा संशोधित फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों का 68 दिनों तक पालन न करने पर रोजाना 30 लाख रुपये के हिसाब से 20.40 करोड़ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया। इसी के साथ कुल राशि 22.20 करोड़ रुपये पहुंच गई।
जांच में सामने आईं संचालन और सॉफ्टवेयर की खामियां
डीजीसीए द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि संकट की जड़ अत्यधिक ऑपरेशनल ऑप्टिमाइजेशन, नियामक तैयारियों की कमी, फ्लाइट प्लानिंग सॉफ्टवेयर की कमजोरियां और प्रबंधन व संचालन नियंत्रण में अंतराल थे। रिपोर्ट के अनुसार इंडिगो उचित बफर प्लानिंग और नियमों के प्रभाव का सही आकलन करने में विफल रही।

आक्रामक रणनीति बनी अव्यवस्था की वजह
जांच में यह भी पाया गया कि अधिकतम विमान और क्रू उपयोग की आक्रामक नीति के चलते किसी भी विघटन की स्थिति में रिकवरी की गुंजाइश बेहद सीमित रह गई। इसका दबाव सीधे चालक दल पर पड़ा, जिससे डेड-हेडिंग, टेल स्वैप और अतिरिक्त ड्यूटी बढ़ी और पूरे ऑपरेशन की क्षमता कमजोर हो गई।
CEO समेत शीर्ष अधिकारियों को चेतावनी, वरिष्ठ अधिकारी हटाए गए
डीजीसीए ने IndiGo के सीईओ को पर्याप्त निगरानी और प्रभावी संकट प्रबंधन न करने पर चेतावनी जारी की है। साथ ही अकाउंटेबल मैनेजर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर को विंटर शेड्यूल 2025 और संशोधित FDTL नियमों के असर का सही मूल्यांकन न करने पर फटकार लगाई गई है। नियामक ने ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष को उनके पद से हटा दिया है और भविष्य में किसी भी जवाबदेह भूमिका में नियुक्ति पर रोक लगा दी है।
IndiGo ने जताई अनुपालन की प्रतिबद्धता
एयरलाइन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वह डीजीसीए के आदेशों का पूरी तरह पालन करेगी और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

