अयोध्या में बदली दर्शन व्यवस्था: रामलला के दर्शन के लिए बढ़ी दूरी, गर्मी में श्रद्धालु हो रहे परेशान
अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसके चलते अब उन्हें पहले से अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। भीषण गर्मी के बीच यह बदलाव श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन रहा है, खासकर तब जब खुले आसमान के नीचे गर्म फर्श पर चलना पड़ रहा है।
शू-स्टैंड शिफ्ट होने से बढ़ी दूरी
मंदिर परिसर में अंगद टीला के पास नया लॉकर और शू-स्टैंड शुरू किया गया है। अब श्रद्धालुओं को यहीं अपने जूते-चप्पल रखने होंगे। इसके चलते दर्शन मार्ग में बदलाव किया गया है और बैगेज स्कैनर के पास से श्रद्धालुओं को स्टील बैरिकेडिंग के जरिए नए रास्ते से भेजा जा रहा है। इस बदलाव के कारण गर्भगृह तक पहुंचने की दूरी बढ़ गई है।
गर्मी में खुला रास्ता बना परेशानी
गर्मियों के मौसम में बिना छाया के पत्थर के फर्श पर चलना श्रद्धालुओं के लिए मुश्किल भरा साबित हो रहा है। बैगेज स्कैनर से शू-स्टैंड तक कैनोपी नहीं होने के कारण फर्श काफी गर्म हो जाता है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कैनोपी और मैट की तैयारी जारी
मंदिर प्रशासन के अनुसार परिसर में करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी कैनोपी पहले ही बनाई जा चुकी है, लेकिन विस्तार के चलते कुछ हिस्सों में अभी इसकी जरूरत है। इस कार्य को पूरा करने में समय लगेगा। फिलहाल श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए रास्ते में मैट बिछाने की व्यवस्था की जा रही है।
लॉकर सुविधा में बड़ा विस्तार
नए लॉकर भवन में लगभग 12 हजार लॉकर की व्यवस्था की गई है, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सकेगी। अनुमान है कि एक दिन में एक लाख से अधिक लोग अपने सामान सुरक्षित रख सकेंगे। इसके अलावा अन्य प्रवेश द्वारों पर भी लॉकर सुविधा उपलब्ध है, हालांकि कुछ स्थानों पर जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था नहीं है।
नई व्यवस्था के चलते जहां एक ओर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर गर्मी के मौसम में श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।



