गुजरात के आनंद जिले में सीएम पटेल ने 234 करोड़ की 49 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का किया शुभारंभ
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को आनंद जिले के खंभात में 234.01 करोड़ रुपए की 49 जनकल्याणकारी विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं से जिले में बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
विकास अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प
चकडोल मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं केवल इमारतें या संरचनाएं नहीं, बल्कि ऐसे मील के पत्थर हैं जो आनंद जिले के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगी।
सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
इन परियोजनाओं में सड़क एवं भवन विभाग की 13 राज्य स्तरीय और 12 पंचायत स्तरीय परियोजनाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य संपर्क को मजबूत करना और परिवहन अवसंरचना में सुधार करना है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास और जल संसाधन क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं।
‘त्रिवेणी संगम’ के रूप में विकास की पहल
मुख्यमंत्री पटेल ने इस पहल को शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी विकास का “त्रिवेणी संगम” बताते हुए कहा कि मानव संसाधन विकास राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।
शहरी निकायों और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती
शहरी विकास और शहरी आवास विभाग के अंतर्गत 10 परियोजनाएं लागू की गई हैं, जिससे स्थानीय नगरपालिकाओं की क्षमता में वृद्धि होगी। वहीं शिक्षा विभाग के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए नए स्कूलों और कक्षाओं के निर्माण सहित पांच परियोजनाएं शुरू की गई हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं और जल प्रबंधन का विस्तार
मुख्यमंत्री ने चार स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जो चिकित्सा अवसंरचना और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं। इसके साथ ही नर्मदा, जल संसाधन और जल आपूर्ति विभाग की पांच परियोजनाओं से सिंचाई और पेयजल संबंधी समस्याओं के दीर्घकालिक समाधान की उम्मीद जताई गई है।
रासायनिक खेती पर जताई चिंता
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कम उम्र में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कृषि में रासायनिक कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर रहा है, क्योंकि ये रसायन भोजन के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश करते हैं।
प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि यदि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करना है, तो मिट्टी और स्वास्थ्य दोनों की रक्षा आवश्यक है। उन्होंने किसानों से रासायनिक मुक्त प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया।
खंभात के पतंग उद्योग की सराहना
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने खंभात के पारंपरिक पतंग उद्योग की कारीगरी और उसकी वैश्विक पहचान की भी प्रशंसा की।

