CJP प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का तुरंत आदेश देने से इनकार, कहा- ‘उम्मीद है सभी पक्ष समझदारी से काम लेंगे’
प्रदर्शन, विरोध और कानून-व्यवस्था का मामला
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट पहले से ही इस मामले पर सुनवाई कर रहा है। जस्टिस बागची ने टिप्पणी की कि इससे जुड़ी याचिकाएं एक-दूसरे से संबंधित हैं। एक पक्ष प्रदर्शन करना चाहता है, दूसरा इसका विरोध कर रहा है, जबकि प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है।
मुख्य न्यायाधीश ने छोटे व्यापारियों की मुश्किलों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ दिनों की कमाई भी उनके और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण होती है। अदालत ने संकेत दिया कि यदि कारोबार को नुकसान पहुंचता है, तो वह अपने संवैधानिक अधिकार क्षेत्र के तहत उचित कदम उठाने पर विचार कर सकती है।
NDMC ने सेंट्रल पार्क बंद किया, व्यापारियों को नुकसान की आशंका
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने देर रात सेंट्रल पार्क को बंद करने का आदेश जारी किया है। याचिकाकर्ता के मुताबिक, इससे वहां कारोबार करने वाले रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
इस पर अदालत ने कहा कि यदि NDMC के आदेश के कारण कारोबार को नुकसान होता है, तो वह इस पहलू पर विचार करेगी। जस्टिस बागची ने कहा कि यदि कोई कदम जरूरत से ज्यादा या अनुचित पाया जाता है, तो अदालत सार्वजनिक कानून और मुआवजे से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आदेश दे सकती है।
26 अक्टूबर को फिर सुनवाई, मुआवजे के विकल्प पर नजर
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कारोबार या आजीविका को हुए नुकसान का मुद्दा पार्क दोबारा खुलने के बाद भी उठाया जा सकता है। अदालत ने संकेत दिया कि यदि नुकसान होता है, तो इस विषय को अगली सुनवाई में रखा जा सकता है। मामले को 26 या 27 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किए जाने की बात कही गई है।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने CJP के प्रदर्शन को लेकर तत्काल आदेश जारी नहीं किया है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट संकेत दिया कि यदि प्रशासनिक कदमों के कारण छोटे व्यापारियों को नुकसान होता है, तो मुआवजे के सवाल पर विचार किया जा सकता है।





