इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एआई और लैंगिक सशक्तिकरण पर केसबुक जारी

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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान एआई और लैंगिक सशक्तिकरण पर एक विशेष केसबुक जारी की गई। समावेशी और नैतिक एआई विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

ग्लोबल साउथ के 23 एआई समाधानों को स्थान

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत संचालित इंडियाएआई मिशन के जरिए केंद्र सरकार ने यूएन वीमेन के सहयोग और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के समर्थन से यह केसबुक तैयार की है। इसमें ग्लोबल साउथ के 23 चुनिंदा एआई समाधान शामिल हैं, जो लैंगिक समानता पर ठोस प्रभाव दर्शाते हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया विमोचन

केसबुक का विमोचन इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव अनिल मलिक और यूएन वीमेन की एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय निदेशक क्रिस्टीन अरब ने संयुक्त रूप से किया।

संयुक्त राष्ट्र स्तर पर मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

इस केसबुक को अंतरराष्ट्रीय मान्यता तब मिली, जब संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 20 फरवरी 2026 को जनएआई एक्सपो में यूएन वीमेन के स्टॉल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वी-एसटीईएम परियोजना से जुड़ी ग्रामीण समुदायों की युवा महिलाओं से बातचीत की, जो एआई आधारित कौशल और शिक्षा के जरिए नए अवसर प्राप्त कर रही हैं।

विविध क्षेत्रों में लिंग-संवेदनशील एआई नवाचार

50 से अधिक देशों से प्राप्त 233 आवेदनों में से चुने गए 23 एआई समाधानों को इस केसबुक में शामिल किया गया है। स्वतंत्र मूल्यांकन समिति ने वास्तविक उपयोग, मापनीय लैंगिक प्रभाव और साक्ष्य-आधारित परिणामों के आधार पर इनका चयन किया। इन समाधानों में स्वास्थ्य सेवाएं, आर्थिक सशक्तिकरण, डिजिटल सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन, न्याय तक पहुंच, शिक्षा और कौशल विकास जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

नीति और अनुसंधान के लिए व्यापक ज्ञान संसाधन

यह केसबुक नीति निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण ज्ञान संसाधन के रूप में कार्य करेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एआई प्रणालियां नैतिक, समावेशी और महिलाओं व लड़कियों की विविध वास्तविकताओं के अनुरूप हों।

साझेदारी आधारित विकास मॉडल

इस पहल के तहत भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के बीच प्रभावी सहयोग का मॉडल प्रस्तुत किया गया है। इसमें यूएन वीमेन ने वैश्विक समन्वय और तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान की, जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने लिंग-संवेदनशील मूल्यांकन मानकों को सुनिश्चित किया।

जिम्मेदार और समावेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा

16 से 20 फरवरी के बीच आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने जिम्मेदार और समावेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वैश्विक नेताओं, नीति निर्माताओं और नवप्रवर्तकों को एक मंच पर एकत्र किया। यह पहल डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना में भारत की अग्रणी भूमिका को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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