वस्त्र क्षेत्र को बड़ी राहत, पीएलआई योजना के तहत 52 नए प्रस्तावों को मंजूरी
सरकार ने वस्त्र क्षेत्र के लिए उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तीसरे राउंड में 52 नए आवेदनों को स्वीकृति दी है। इस कदम से देश में वस्त्र उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
विभिन्न सेगमेंट में मिली स्वीकृति
स्वीकृत 52 आवेदनों में 5 एमएमएफ परिधान, 19 एमएमएफ फैब्रिक, 18 तकनीकी वस्त्र और 10 अन्य विभिन्न सेगमेंट से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। यह विविधता वस्त्र उद्योग के अलग-अलग क्षेत्रों को मजबूती देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
6,708 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव
इन 52 आवेदकों ने कुल 6,708 करोड़ रुपए के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इसके जरिए करीब 21,186 करोड़ रुपए के टर्नओवर की उम्मीद की जा रही है। इससे खासतौर पर मानव निर्मित फाइबर (एमएमएफ) और तकनीकी वस्त्र क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
घरेलू विनिर्माण और निर्यात को मिलेगा बल
स्वीकृत प्रस्तावों से देश में उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति मजबूत होगी। इससे निर्यात में भी इजाफा होने की संभावना है।
पीएलआई योजना से बढ़ रही उद्योग की रफ्तार
वस्त्र क्षेत्र के लिए पीएलआई योजना का उद्देश्य उच्च मूल्य वाले कपड़ों के उत्पादन को बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार सृजन करना है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों में पीएलआई कंपनियों ने 944.48 करोड़ रुपए का निवेश, 4,473 करोड़ रुपए का टर्नओवर और 363.55 करोड़ रुपए का निर्यात दर्ज किया है।
सरकार का फोकस—प्रतिस्पर्धा और विकास
सरकार लक्षित नीतियों और उद्योग से जुड़े हितधारकों के सहयोग के जरिए वस्त्र उद्योग को और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ को भी मजबूती दे रही है।



