मुकेश अंबानी को बड़ा झटका! 5 महीने में ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति घटी, अमीरों की सूची में भी फिसले
नई दिल्ली : देश के दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी के लिए साल 2026 अब तक चुनौतियों भरा साबित हुआ है। इस वर्ष न केवल वह भारत और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान गंवा चुके हैं, बल्कि उनकी कुल संपत्ति में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष की शुरुआत से अब तक उनकी नेटवर्थ में 21.9 अरब डॉलर यानी करीब 2.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति 85.8 अरब डॉलर आंकी गई है। इस गिरावट के बाद वह दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में 26वें स्थान पर पहुंच गए हैं।
एक दिन में भी हुआ भारी नुकसान
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक 4 जून को ही मुकेश अंबानी की संपत्ति में 617 मिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई। हालांकि इसके बावजूद वह भारत और एशिया के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में शामिल हैं।
मौजूदा समय में एशिया के अरबपतियों की सूची में वह तीसरे स्थान पर हैं, जबकि भारत में उनकी रैंकिंग दूसरे नंबर पर बताई जा रही है। उनसे आगे चीन के झांग यिमिंग और भारत के गौतम अडानी हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज से आती है सबसे बड़ी संपत्ति
मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति का सबसे बड़ा हिस्सा रिलायंस इंडस्ट्रीज में उनकी हिस्सेदारी से जुड़ा है। कंपनी दुनिया के सबसे बड़े तेल रिफाइनिंग परिसरों में से एक का संचालन करती है और पेट्रोकेमिकल्स, दूरसंचार, डिजिटल सेवाओं, खुदरा कारोबार तथा ऊर्जा क्षेत्र में सक्रिय है।
मार्च 2025 तक कंपनी का वार्षिक राजस्व 114 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। बताया जाता है कि प्रमोटर समूह के माध्यम से रिलायंस इंडस्ट्रीज में अंबानी परिवार की करीब 42 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो उनकी संपत्ति का प्रमुख आधार मानी जाती है।
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज में भी मजबूत पकड़
रिलायंस समूह से अलग हुई जियो फाइनेंशियल सर्विसेज में भी मुकेश अंबानी की बड़ी हिस्सेदारी है। प्रत्यक्ष और प्रमोटर समूह के जरिए कंपनी में उनकी लगभग 41 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में यह निवेश भविष्य में समूह की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहेगा।
एंटीलिया भी है संपत्ति का बड़ा आधार
मुंबई स्थित अंबानी परिवार का आलीशान आवास ‘एंटीलिया’ भी उनकी कुल संपत्ति में अहम योगदान देता है। 27 मंजिला इस भवन की कीमत 400 मिलियन डॉलर से अधिक आंकी जाती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसके निर्माण पर एक अरब डॉलर से ज्यादा खर्च हुआ था। इस इमारत में हेलिपैड, थिएटर, स्पा, फिटनेस सेंटर, बॉलरूम समेत कई अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
स्टैनफोर्ड छोड़कर संभाली थी कारोबार की कमान
मुकेश अंबानी वर्ष 1979 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय गए थे। हालांकि एक वर्ष बाद उनके पिता धीरूभाई अंबानी ने उन्हें भारत वापस बुला लिया और कारोबारी जिम्मेदारियां सौंप दीं।
इसके बाद उन्होंने रिलायंस समूह के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2002 में धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद पारिवारिक कारोबारी विवाद सामने आया और 2005 में दोनों भाइयों के बीच कारोबार का बंटवारा हुआ।
मुंबई इंडियंस के भी मालिक हैं अंबानी
व्यापार जगत के अलावा खेल क्षेत्र में भी मुकेश अंबानी की मजबूत मौजूदगी है। वह इंडियन प्रीमियर लीग की सफल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस के मालिक हैं। इसके साथ ही दूरसंचार, डिजिटल सेवाओं और खुदरा कारोबार में उनके समूह ने बड़े पैमाने पर निवेश किया है।
क्यों घटी संपत्ति?
विशेषज्ञों के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और निवेशकों के बदलते रुख का असर मुकेश अंबानी की नेटवर्थ पर पड़ा है। हालांकि भारी गिरावट के बावजूद 85.8 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ वह दुनिया के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में शामिल हैं और भारतीय कॉरपोरेट जगत में उनकी स्थिति अब भी मजबूत मानी जाती है।



