तीन साल में हर राज्य में पहुंचेगी भारत टैक्सी: अमित शाह
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भारत टैक्सी सेवा को अगले तीन वर्षों में पूरे देश में लागू किया जाएगा। उन्होंने गुरुवार को भारत की पहली सहकारी मॉडल पर आधारित टैक्सी सेवा भारत टैक्सी का औपचारिक शुभारंभ किया।
दो महीने के सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद भारत टैक्सी को फिलहाल दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में शुरू किया गया है। इसे अगले दो वर्षों में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैलाया जाएगा। इस सेवा से होने वाला मुनाफा ड्राइवरों के साथ साझा किया जाएगा।
एक कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि तीन साल में भारत टैक्सी कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में यह अंदाजा नहीं था कि यह पहल इतनी बड़ी बनेगी, लेकिन आने वाले समय में इससे टैक्सी चालकों को बड़ा लाभ मिलेगा।
उन्होंने साफ किया कि सरकार टैक्सी कारोबार में नहीं उतर रही है, बल्कि यह सहकारी पहल है, जिसमें ड्राइवर ही इसके मालिक हैं। उन्होंने कहा कि इस सेवा से जुड़े हर ड्राइवर को मालिकाना हक मिलेगा और यह पूरी तरह उनके कल्याण के लिए काम करेगी।
भारत टैक्सी को ड्राइवर-स्वामित्व वाली सेवा के रूप में पेश किया गया है। शुरुआती चरण में इसमें जीरो कमीशन मॉडल अपनाया गया है, यानी सवारी का 100 प्रतिशत भुगतान सीधे ड्राइवरों को मिलेगा।

सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म से ड्राइवरों—जिन्हें सारथी कहा गया है—को एग्रीगेटर आधारित शोषणकारी व्यवस्था से राहत मिलेगी।
भारत टैक्सी मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से भी जुड़ी है, जिससे यात्री एक ही ऐप से अलग-अलग साधनों में यात्रा की योजना बना सकते हैं। अन्य प्लेटफॉर्म के विपरीत, इसमें सरज प्राइसिंग से बचने की योजना है, हालांकि कुछ खास स्थितियों में किराया बदला जा सकता है।
यह ऐप Android और iOS दोनों पर उपलब्ध है। गूगल प्ले स्टोर पर इसकी रैंकिंग नौवीं और एप्पल ऐप स्टोर पर तेरहवीं रही है। पंजीकरण के लिए केवल मोबाइल नंबर, नाम और ई-मेल की जरूरत होती है।

