काशी को लेकर कांग्रेस की सियासत पर हमला, सीएम योगी बोले– सफेद झूठ से विकास नहीं रुकेगा
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस काशी में मंदिरों को तोड़ने का सफेद झूठ फैला रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे वीडियो पूरी तरह भ्रामक हैं और इनके जरिए काशी के विकास को बाधित करने की साजिश रची जा रही है।
काशी विश्वनाथ धाम निर्माण के समय भी रची गई थीं साजिशें
सीएम योगी ने कहा कि जब काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण हो रहा था, तब भी कुछ लोगों ने इसी तरह की साजिशें की थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मूर्तियां बनाने वाली वर्कशॉप से टूटी हुई मूर्तियों के अवशेष उठाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए गए और यह झूठ फैलाया गया कि मंदिर तोड़े जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक-दो दिनों से काशी के मंदिरों और मणिकर्णिका घाट को तोड़ने से जुड़े वीडियो वायरल किए जा रहे हैं, जबकि इनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। इन्हीं झूठे आरोपों का जवाब देने के लिए उन्हें स्वयं मीडिया के सामने आना पड़ा।
11 वर्षों में काशी ने फिर पाई आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि काशी के प्रति हर सनातन धर्मावलंबी और हर भारतवासी के मन में अपार श्रद्धा है, लेकिन आजादी के बाद लंबे समय तक काशी को वह सम्मान और विकास नहीं मिल सका, जिसकी वह हकदार थी। पिछले 11 वर्षों में काशी ने अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए उसका संवर्धन किया है और साथ ही भौतिक विकास के जरिए नई ऊंचाइयों को भी छुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी के विजन से बदली काशी की तस्वीर
सीएम योगी ने कहा कि यह प्रदेश और देश का सौभाग्य है कि काशी का प्रतिनिधित्व देश की संसद में स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं। प्रधानमंत्री अक्सर अपने भाषणों में ‘मेरी काशी’ कहते हैं और शुरुआत से ही उनका स्पष्ट दृष्टिकोण रहा है कि काशी की प्राचीन आत्मा को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक स्वरूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए। इसी सोच के अनुरूप काशी में विकास परियोजनाओं को आकार दिया गया।
कॉरिडोर के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनने के बाद आए बदलावों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रतिदिन औसतन पांच हजार से 25 हजार श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आते थे। कॉरिडोर के निर्माण के बाद यह संख्या प्रतिदिन सवा लाख से डेढ़ लाख तक पहुंच गई है। विशेष पर्वों और आयोजनों पर श्रद्धालुओं की संख्या 6 से 10 लाख तक हो जाती है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ धाम में दर्शन किए और धाम के निर्माण के बाद से काशी ने अब तक देश की जीडीपी में लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है।

कांग्रेस ने पहले भी फैलाया था झूठ, आज भी कर रही दुष्प्रचार
सीएम योगी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के समय भी कांग्रेस ने मंदिर तोड़े जाने का झूठ फैलाया था, जबकि सच्चाई यह है कि जिन मंदिरों की बात की जा रही है, उनका पुनरुद्धार किया गया है। वे पहले जर्जर अवस्था में थे और आज उनका कायाकल्प हो चुका है। मुख्यमंत्री ने माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा का उदाहरण देते हुए कहा कि सौ वर्ष पहले चोरी होकर यूरोप पहुंचाई गई यह मूर्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वापस लाई गई और काशी में पुनः स्थापित की गई।
1947 से 2014 तक कांग्रेस ने क्या किया: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से सवाल किया कि 1947 से 2014 तक अधिकांश समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार रही, फिर उन्होंने भारत की विरासत को सहेजने के लिए ऐसे प्रयास क्यों नहीं किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों में भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के प्रति सम्मान का भाव ही नहीं था। तुष्टीकरण की राजनीति के चलते कांग्रेस ने देश की आस्था का अपमान किया और ऐसी पार्टी कभी भी भारत की विरासत का सम्मान नहीं कर सकती।
मोदी के नेतृत्व में हो रहा तीर्थों का संरक्षण और विकास
सीएम योगी ने कहा कि विरासत का सम्मान कैसे किया जाता है, यह कांग्रेस से सीखने की जरूरत नहीं है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण हो, काशी, प्रयागराज, मां विंध्यवासिनी धाम या बौद्ध तीर्थस्थल, देश की विरासत से जुड़े सभी प्रमुख स्थलों का संरक्षण और सौंदर्यीकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के इस तरह के बयान और हरकतें बचकानी हैं, जिन्हें देखकर कभी हंसी आती है तो कभी दया।
विकास के हर कार्य में बाधा डालना कांग्रेस की आदत
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उसका यह व्यवहार ‘सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’ जैसा है। जिन लोगों ने हमेशा देश की विरासत का अपमान किया, वे आज भी विकास कार्यों में रोड़े अटका रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल मणिकर्णिका घाट तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस प्रदेश और देश के विकास तथा लोक कल्याण से जुड़े हर कार्यक्रम में बाधा पैदा करने की कोशिश करती रहेगी।

