रश्मिका मंदाना की ट्रोलिंग पर भड़के जावेद अख्तर, बोले- भाषा और उच्चारण के आधार पर किसी को आंकना गलत

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नई दिल्ली: अभिनेत्री रश्मिका मंदाना के बोलने के तरीके और हिंदी उच्चारण को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना के बीच गीतकार और लेखक जावेद अख्तर उनके समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने रश्मिका के उच्चारण का मजाक उड़ाने वालों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी की भाषा या बोलने के अंदाज के आधार पर उसे कमतर आंकना गलत है। जावेद अख्तर ने आलोचकों को चुनौती दी कि वे पहले तमिल भाषा में कुछ पंक्तियां बोलकर दिखाएं।

‘किसी भाषा को दूसरी से बेहतर समझना सही नहीं’

रश्मिका मंदाना हाल ही में अपने पति विजय देवरकोंडा के साथ टेलीविजन कार्यक्रम ‘कॉफी विद करण’ में पहुंची थीं। बातचीत के दौरान अभिनेत्री ने अपने करियर और भाषा के कारण होने वाली ट्रोलिंग के अनुभव साझा किए।

रश्मिका ने बताया कि उन्हें कभी अभिनय, कभी प्रदर्शन और कभी भाषा या उच्चारण को लेकर निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि वह आलोचना के डर से खुद को किसी एक फिल्म उद्योग या भाषा तक सीमित नहीं रखना चाहती थीं। उनकी इच्छा अलग-अलग फिल्म उद्योगों में काम करने और कई भाषाओं में संवाद करने की रही है।

जावेद अख्तर ने तमिल में बोलने की दी चुनौती

रश्मिका की बात सामने आने के बाद जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि रश्मिका के उच्चारण से परेशान लोगों को तमिल भाषा में कुछ पंक्तियां बोलने के लिए कहा जाना चाहिए। इसके बाद पता चलेगा कि वे उस भाषा को कितनी अच्छी तरह बोल पाते हैं।

जावेद अख्तर ने तमिल को दुनिया की सबसे पुरानी बोली जाने वाली भाषाओं में से एक बताते हुए भाषाई श्रेष्ठता की सोच पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि किसी भाषा या उच्चारण को लेकर दूसरों को कमतर समझना उचित नहीं है।

रश्मिका की भाषाई पृष्ठभूमि पर भी हुई चर्चा

जावेद अख्तर की पोस्ट पर एक सोशल मीडिया यूजर ने अभिनेत्री की भाषाई पृष्ठभूमि को लेकर सुधार किया। यूजर ने बताया कि रश्मिका कूर्ग से हैं और तेलुगु परिवार की बहू हैं। यूजर ने इसके साथ ही अभिनेत्री के समर्थन में जावेद अख्तर की पहल की सराहना की।

जवाब में जावेद अख्तर ने अपनी बात सुधारने की बात कही। इस चर्चा के बाद सोशल मीडिया पर भाषा, क्षेत्रीय पहचान और उच्चारण को लेकर बहस तेज हो गई।

सोशल मीडिया यूजर्स ने भी किया समर्थन

जावेद अख्तर की पोस्ट पर कई लोगों ने सहमति जताई। कुछ यूजर्स ने कहा कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को हिंदी बोलते समय उनके उच्चारण के आधार पर नहीं परखना चाहिए। वहीं, अन्य लोगों ने कहा कि हर क्षेत्र की अपनी भाषाई विशेषताएं और बोलने का अलग तरीका होता है। ऐसे में किसी के उच्चारण का मजाक उड़ाना सही नहीं है।

विजय देवरकोंडा के बयान पर भी हुई चर्चा

‘कॉफी विद करण’ का यह एपिसोड रश्मिका और विजय देवरकोंडा की निजी जिंदगी से जुड़ी बातचीत के कारण भी चर्चा में रहा। दोनों ने कार्यक्रम में अपनी प्रेम कहानी के बारे में बताया।

विजय ने कहा कि जब रश्मिका ने उनसे शादी के लिए पूछा था, तो उन्होंने तुरंत हामी नहीं भरी थी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि रश्मिका को उनसे यह सवाल 100 बार पूछना होगा। वहीं, रश्मिका ने बताया कि उन्होंने करीब एक महीने तक हर दिन विजय से शादी के बारे में पूछा था।

कार्यक्रम के बाद विजय की टिप्पणी को लेकर भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ यूजर्स ने उनके बयान पर सवाल उठाए और उन्हें ‘रेड फ्लैग’ तक कहा। इस तरह रश्मिका के उच्चारण और विजय के बयान, दोनों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी रही।

 

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